भारतकोश
सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)

सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)

Saundarya Nikhar (Swadeshi Chikitsa)

राजीव दीक्षित द्वारा

स्रोत: Azadi Bachao Andolan First Edition · Azadi Bachao Andolan · 2010 (उद्गम)

DevanagariHindipublished80 पृष्ठ

पृष्ठ 23, कुल 80 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 23

WWW.RAJIVDIXITJI.COM | AUDIO | VIDEO | ANDROID APP

सुन्दरता के प्रतीक काले—घने—घुँघराले बाल

किसी ज़माने में सिर के एकाध बाल सफ़ेद दिख जाने या खल्लाट पड़ना शुरू हो जाने पर लोग इसे बुजुर्गियत के आगमन की सूचना मान लेते थे। कल्पना कीजिए कि यदि आज भी इसे कसौटी माना जाए तो क्या स्थिति होगी। दृश्य कुछ ऐसा होगा कि यौवन की दहलीज़ पर कदम रखने जा रहे देश के अधिकांश नौनिहाल सीधे बुजुर्गों की जमात में खड़े दिखाई देंगे। दरअसल असमय बालों का पकना व झड़ना अब इतनी आम बात है कि इसे बुजुर्गियत की निशानी मानना बेमानी हो चुका है।

असल में इस तरह की समस्याएँ आधुनिक जीवन—शैली की सौगातें हैं। खान—पान के अलावा भाँति—भाँति के रसायनों के मिश्रण से बने कृत्रिम साबुन, तेल, शैम्पू आदि अनगिनत सौन्दर्य प्रसाधनों ने इन समस्याओं में और इज़ाफ़ा किया है। फिलहाल इस प्रकरण में आधुनिक जीवन—शैली की मीमांसा के बजाय समस्या का समाधान प्रस्तुत करना मुख्य उद्देश्य है, इसलिए आगे बालों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कुछ आसान उपायों पर ही चर्चा की जाएगी।

बालों को स्वस्थ रखने के लिए आहार—विहार पर ध्यान देना सबसे ज़रूरी बात है। स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी आहार—विहार की पर्याप्त चर्चा विभिन्न प्रकरणों में आ चुकी है। किसी विशेष बीमारी की वजह से बालों के पकने या झड़ने की समस्या हो तो उसका इलाज कराएं। बालों की समस्याओं से निजात पाने के लिए होम्योपैथी में बहुत ही कारगर इलाज मौजूद है, बशर्ते लक्षणों से मेल खाती उपयुक्त दवा का चयन हो जाए। जड़ी—बूटियों से आंतरिक चिकित्सा के लिए कुछ कारगर नुस्खे तो ख़ैर आगे दिए ही जा रहे हैं।

आंतरिक चिकित्सा के साथ—साथ बालों की बाहरी देखभाल भी ज़रूरी है। पहली बात यह कि सिर की मालिश प्रतिदिन या एकाध दिन के अंतर पर अवश्य करें। इससे त्वचा में रक्त संचार सुचारू रूप से होगा और बालों की जड़ों तक पोषण आसानी से पहुँचेगा। मालिश के लिए आए दिन तेल बदल—बदलकर न इस्तेमाल करें। कोई एक अपने अनुकूल अच्छा तेल चुन लें और नियमित इसी से मालिश करें। सिर धोने के लिए रसायनों से बने साबुन—शैम्पुओं का जितना ही कम प्रयोग करें, उतना ही अच्छा है। सिर धोने की कई देशी विधियाँ आगे दी गई हैं, उन्हें अपनाएँ तो अच्छा लाभ मिलेगा। धूम्रपान, क्रोध, अधिक रात्रि जागरण, वनस्पति घी, तेल, मिर्च, मसालों से जितना बच सकें, उतना ही बेहतर रहेगा। खान—पान का सुधार रखते हुए भोजन में आँवले का नियमित प्रयोग बालों की सेहत के लिए विशेष लाभप्रद है। आँवले के स्थान पर आमलकी रसायन का भी प्रयोग करके लाभ उठाया जा सकता है। इतनी सावधानियों के साथ आप ज़रूरी लगे तो नीचे दिए जा रहे नुस्खे आजमाएं और बालों की समस्याओं से निजात पाएं।

— — — — —

pg. 23