भारतकोश
सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)

सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)

Saundarya Nikhar (Swadeshi Chikitsa)

राजीव दीक्षित द्वारा

स्रोत: Azadi Bachao Andolan First Edition · Azadi Bachao Andolan · 2010 (उद्गम)

DevanagariHindipublished80 पृष्ठ

पृष्ठ 28, कुल 80 में से

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पृष्ठ 28

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आँवला, शिकाकाई, रीठा, नीम की छाल, मुलतानी मिट्टी, अच्छी जगह से निकाली हुई काली मिट्टी 250-250 ग्राम तथा मेथी दाना 150 ग्राम, चंदन चूर्ण 100 ग्राम, छबीला पाउडर 150 ग्राम, मेंहदी 150 ग्राम व ब्राह्मी 100 ग्राम लेकर कूट-पीसकर कपड़छन चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें।

इसमें से 4-5 चम्मच चूर्ण लेकर पानी में गाढ़ा लेप बनाकर बालों में मसलें। आधा घण्टा बाद हल्के गर्म पानी से बालों को धोएं। इस प्रयोग के साथ रात में सोते समय शुद्ध नारियल तेल या सूर्यतप्त नीला नारियल तेल बालों की जड़ों में मालिश करके लगभग 100 बार कंधी करें। कुछ दिनों तक लगातार यह प्रयोग करके चाहें तो एक दो दिन के अंतराल पर करते रहें। धीरे-धीरे बाल लंबे, मुलायम, काले, घने और खूबसूरत दिखने लगेंगे।

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भूंगराज की पत्ती, विधारा, अश्वगंधा तीनों समान मात्रा में कूट पीसकर कपड़छन चूर्ण बनाकर इसमें कुल चूर्ण का दो तिहाई हिस्सा पिसी मिश्री मिलाकर रख लें।

इस चूर्ण को एक दो चम्मच (लगभग आधा तोला) की मात्रा में सबेरे एवं रात को गरम दूध से सेवन करना चाहिए। दवा सेवन काल में ब्रह्मचर्य पालन के साथ तेल, गुड़, खटाई, मिर्च-मसाला कम सेवन करें।

धीरे-धीरे बालों का गिरना तथा सफेद होना अच्छा होगा।

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यदि आप साबुन-शैम्पू से बचना चाहते हों तो बिना ज्यादा खटराग किए आसान तरीका यह है कि चने के बेसन से सिर धोएं। यदि सिर में ज्यादा तेल लगा हो तो कटोरी में बेसन घोलकर पहले आधा घोल बालों में मलें और धो दें। पुनः शेष घोल को मलते हुए सिर धोएं। आपके बाल एकदम खिल उठेंगे। बेसन पूरे शरीर में मलकर स्नान करें तो शरीर में भी साबुन लगाने की आवश्यकता न रहेगी। उपलब्धता हो तो इसमें थोड़ा छाछ भी मिला सकते हैं। यह सोने पे सुहागा वाली बात होगी।

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आम की गुठली की मिगी तथा गुठली रहित आँवला, दोनों समान भाग लेकर सिल पर पानी के साथ महीन पीसकर गाढ़ा लेप सा तैयार करें और बालों में लगाएं। घण्टे भर बाद इसे धो डालें। यह प्रयोग बालों के लिए अत्यन्त हितकर है।

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गाय का गोबर 2 चम्मच, गोमूत्र 5 चम्मच, सूखे आँवले का चूर्ण 1 चम्मच, शतावरी का चूर्ण 1 चम्मच, अदरक का रस 1 चम्मच तथा ज़रूरत भर मुलतानी मिट्टी लेकर सबका गाढ़ा लेप तैयार करें तथा बालों में जड़ों तक अच्छी तरह लगा लें। एकाध घण्टे बाद इसे धो दें।

यदि किसी विशेष रोग से ग्रस्त न होंगे तो इस प्रयोग से सिर के उड़े हुए बाल पुनः उग आएंगे।

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