सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)
Saundarya Nikhar (Swadeshi Chikitsa)
राजीव दीक्षित द्वारा
स्रोत: Azadi Bachao Andolan First Edition · Azadi Bachao Andolan · 2010 (उद्गम)
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स्वस्थ, सुन्दर त्वचा के लिए
र हो, नैन-नक्श कितने ही आकर्षक हों, पर अगर त्वचा रोगग्रस्त हो तो सारी संदरता पर ग्रहण सा लग जाता है। हमारे देश में त्वचा को स्वस्थ, संदर बनाए रखने के लिए उबटन आदि की प्राचीन परंपरा रही है। कृत्रिम सौन्दर्य प्रसाधनों के बजाय प्राकृतिक और आयुर्वेदिक स्वदेशी उपायों को अपनाना ही ज्यादा बेहतर है। इस प्रकरण में त्वचा को स्निग्ध, संदर, मुलायम और स्वस्थ बनाये रखने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इन्हें आजमाकर लाभ उठाया जा सकता है—
— — — — — आँवले के चूर्ण का उबटन शरीर पर लगाने से त्वचा साफ, स्वच्छ तथा मुलायम होती है। — — — — —
स्नान से पूर्व एक गिलास पानी में दो चम्मच शहद तथा एक नींबू का रस घोलकर चेहरे और शरीर पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें; इसके बाद स्नान करें। इससे त्वचा की स्निग्धता और चमक बढ़ती है तथा चर्मरोग भी दूर होते हैं। — — — — —
जौ, बाजरा तथा चने का आटा, सब 1-1 चम्मच लेकर इसमें 1 चम्मच नींबू का रस तथा 1 चम्मच हल्दी चूर्ण मिलाएं। अब जैतून का तेल इतना लें कि सब गाढ़ा उबटन बन जाए।
इस उबटन को चेहरे पर लगाएं या शरीर में, इससे त्वचा साफ और संदर बनती है। पूरे शरीर पर लगाना हो तो सभी चीजों की मात्रा बढ़ा लेनी चाहिए। — — — — —
त्वचा को निरोगी रखने के लिए पानी में नींबू का रस मिलाकर स्नान करना चाहिए। — — — — —
पानी में नींबू का रस तथा शहद मिलाकर नियमित पीने से रक्त साफ होता है तथा त्वचा रोग नहीं होते।
हालाँकि साँवली त्वचा को एकदम से गोरा बनाने के लिए अभी तक ऐसा कोई नुस्खा नहीं बना है, परंतु जो लोग अपनी त्वचा का रंग साफ और कातिमान बनाना चाहते हैं, उन्हें कोई भी उपचार अपनाने से पहले अपना आहार-विहार ठीक करना चाहिए। किसी भी हालत में कब्ज़ न होने दें। स्त्रियाँ अनियमित मासिक धर्म और प्रदर आदि की बीमारियों से बचें।
इतने उपाय के बाद 25 ग्राम साफ तथा 25 ग्राम कच्चा नारियल दिन में एक बार सबेरे या भोजन के बाद खूब चबा-चबाकर नियमित 6 माह तक खाएं। इससे त्वचा में निखार आता है और त्वचा का रंग उजला होता है। गर्भवती महिलाएं पूरे गर्भकाल में यह प्रयोग करें तो संतान गोरी पैदा होती है।
इस आंतरिक प्रयोग के साथ अपने अनुकूल कोई बाह्य प्रयोग भी अपना सकते हैं। — — — — —
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