भारतकोश
सेहत संजीवनी

सेहत संजीवनी

Sehat Sanjivani

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: June 2009 First Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Post-Raya, Distt.-Samba (J & K) · 2009 (उद्गम)

DevanagariHindipublished104 पृष्ठ

पृष्ठ 38, कुल 104 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 38

38

साहिब बन्दगी

को घी और शहद मिलाकर खाएँ।

  • □ दालचीनी, पीपल, अदरक, भीमसेनी कपूर, कचूर, गिलोय, नागरमोथा, कमलकंद, पुष्करमूल, भूमि आँवला, तुलसी, काला अगर, इलायची-सब समान मात्रा में लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को दो गुणा चीनी में मिलाकर रोगी को खाना चाहिए।
  • □ 5 ग्राम गन्धक, 5 ग्राम मैनशिल, 5 ग्राम पारा, 5 ग्राम पीपल, 5 ग्राम मिर्च-सबको कूटपीसकर किसी साफ कपड़े से छान लें। अब पानी की सहायता से इसकी गोलियाँ बनाएँ।
  • □ यह गोली श्वास और खाँसी के लिए बहुत लाभकारी है।

अतिसार की दवा

  • □ शिलाजीत, बेलगिरी, पीपलामूल, अदरक, चित्रक, राल, गजपीपर, पीपर-सब बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह से कूटपीस लें। अब किसी साफ कपड़े से छानकर रख लें। 8 ग्राम यह दवा बड़ी लाभकारी सिद्ध होगी।
  • □ अजमोद, मोचरस, अदरक-सबको कूटपीसकर चूर्ण कर लें। यह चूर्ण छाछ के साथ सेवन करें।
  • □ बेल का गूदा, इन्द्रयव, लोध, मोचरस-सबको पीसकर गुड़ के साथ मिलाकर गोलियाँ बना लें।
  • □ अतिसार में लाभकारी है।

कफातीसार की दवा

  • □ हींग, बच, कालानोन, अतीस, संधानोन-सब बराबर मात्रा में ले अच्छी तरह से कूटपीसकर छान लें। 8 ग्राम यह दवा गर्म