भारतकोश
सेहत संजीवनी

सेहत संजीवनी

Sehat Sanjivani

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: June 2009 First Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Post-Raya, Distt.-Samba (J & K) · 2009 (उद्गम)

DevanagariHindipublished104 पृष्ठ

पृष्ठ 84, कुल 104 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 84

84

साहिब बन्दगी

हो गया। सुबह-शाम यह 5 ग्राम चूर्ण गर्म पानी के साथ लें। अत्यंत उपयोगी है।

हरीतक्यादि चूर्ण ( वातरोग... )

  • □ लोहारस, हरड, बहेड़ा-सब बराबर मात्रा में ले कूटपीसकर छान लें। 5 ग्राम यह चूर्ण खाएँ।
  • □ वातरोग को नष्ट करता है।

अजमोदादि चूर्ण ( आमवात... )

  • □ 9 ग्राम बायबिडंग, 9 ग्राम देवदारु, 9 ग्राम पीपलमूल, 9 ग्राम सौफ, 9 ग्राम संधा नमक, 9 ग्राम चीता, 9 ग्राम पीपल, 9 ग्राम अजमोद, 85 ग्राम अदरक, 85 ग्राम भिदारा, 50 ग्राम हर-सबको कूटपीसकर चूर्ण कर लें। फिर गर्म पानी के साथ सेवन करें।
  • □ आमवात की बढ़िया दवा है।
  • □ हरों के चूर्ण में अरंडी का तेल मिलाकर पीएँ।
  • □ बायबिडंग, नागरमोथा, त्रिफला-कूट-सब बराबर मात्रा में ले कूटपीसकर चूर्ण कर लें। फिर गिलोय के रस के साथ छोटी-छोटी (4-4 ग्राम बराबर) गोलियाँ बना लें। सुबह-शाम 1-1 गोली खाएँ।

पंचवटिकादि चूर्ण ( उदर रोग... )

  • □ 25 ग्राम कलमीसोरा, 25 ग्राम पाँचों नमक, 25 ग्राम पीपल, 25 ग्राम मिर्च, 25 ग्राम नौसादर-सबको कूटपीसकर चूर्ण कर लें। 5 ग्राम यह चूर्ण खाएँ।
सेहत संजीवनी · पृष्ठ 84, कुल 104 में से · BharatKosha