सेहत संजीवनी

सेहत संजीवनी
Sehat Sanjivani
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: June 2009 First Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Post-Raya, Distt.-Samba (J & K) · 2009 (उद्गम)
DevanagariHindipublished104 पृष्ठ
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महत्वपूर्ण संजीवनी मुरब्बे
हरों को मुरब्बा ( संग्रहणी... )
- □ 100 हरेँ और थोड़ी साफ मिट्टी लेकर पानी में डालें। 2-3 दिन आग पर रखें। फिर साफ करके शहद में डाल दें। 10 दिन रहने दें। फिर शहद की अलग से चासनी बनाकर सारे हरेँ उसमें डाल दें। इसके बाद 25 ग्राम लौंग, 25 ग्राम बड़ी इलायची, 25 ग्राम अदरक, 25 ग्राम जायफल, 25 ग्राम तज, 25 ग्राम रूपी मस्तंगी, 5 ग्राम केसरी, 2 ग्राम कस्तूरी लेकर सबको कूटपीसकर उसमें मिलाएँ। 1 महीने 1 हफ्ते बाद यह मुरब्बा खाएँ।
- □ संग्रहणी रोग को दूर करता है।
- □ आँखों की ज्योति बढ़ाता है।
- □ सारे शरीर के लिए लाभकारी है।
बेल का मुरब्बा ( खूनी बवासीर... )
- □ बेल के 5 किलो मगज लें और उसमें थोड़ा-सा घी डालकर पानी में भिगोएँ। फिर एक किलो मिश्री, 2 किलो शहद डालकर चासनी बना लें। फिर 4 ग्राम नागरमोथा, 2 ग्राम कपूर, 5 ग्राम वालछड़, 3 ग्राम छड़ीला, 2 ग्राम मोहरा खताई, 3 ग्राम इलायची-सबको कूटपीसकर छान लें। फिर इसे चासनी में डाल दें और
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