सेहत संजीवनी

सेहत संजीवनी
Sehat Sanjivani
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: June 2009 First Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Post-Raya, Distt.-Samba (J & K) · 2009 (उद्गम)
DevanagariHindipublished104 पृष्ठ
पृष्ठ 94, कुल 104 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 94
94
साहिब बन्दगी
- □ कुष्ठरोग को समाप्त करता है।
- □ खाँसी को नष्ट करता है।
- □ प्रमेह को दूर करता है।
- □ रक्तविकार को हरता है।
अदरक पाक
- □ 1 किलो घी, ढाई किलो मिश्री, 5 किलो अदरक, 100 किलो दूध-सबको कूटपीसकर मिला लें और आग पर रखें। चासनी हो जाने पर उसमें 25-25 ग्राम पीपल, कचूर, जायफल, इलायची, नागकेसर, मिर्च, अदरक, पाषाणभेद, मण्डूरभस्म, कांतिभस्म, काला अगर, जावित्री, तमालपत्र, सोनामाखीभस्म, लोहाभस्म-सब कूटपीसकर किसी साफ कपड़े से छान लें और घी में भूनकर चासनी में मिला लें। यह दवा बड़ी हितकारी है।
- □ सफेद बालों को काला करती है।
- □ आमवात को दूर करती है।
एरंडीपाक
- □ 2 किलो एरंडी के बिना छिलके के बीज, 15 किलो दूध लेकर आग पर रखें। दूध का खोवा हो जाए तो उतारकर बीजों को पीस लें। फिर उसमें 5 किलो मिश्री और दूध का निकला हुआ खोवा मिलाएँ। चासनी तैयार हो जाए तो उतार लें। फिर 25-25 ग्राम नागकेसर, पित्तापपड़ा, शतावरी, सांठी, दालचीनी, इलायची, पीपल, लौंग, लोहारस, हर्ष, तमालपत्र, पीपल, मिर्च, अदरक, चांदीरस, जायफल, जावित्री, अदरक का रस, असगंध, षड्गंधा, राक्षा-सबको कूटपीसकर किसी कपड़े से छान लें। फिर उसे