भारतकोश
शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary

शार्ङ्गधराचार्य द्वारा

स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished356 पृष्ठ

पृष्ठ 21, कुल 356 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 21

(xvii) | प्रसूताविकार-गणना | 81 | शीत आदि उपद्रव | 83 | | बालरोग-गणना | 81 | विष-विवेचन | 83 | | बालग्रह-गणना | 82 | जङ्गमविष-भेद | 83 | | पादरोग-गणना | 82 | कृत्रिम-विष | 83 | | दोष-भेद | 82 | अन्य उपद्रव | 83 | | पञ्चकर्म-व्यापद् | 82 | मद-विचार | 83 | | स्नेहादि व्यापद् | 82 | अध्यायोपसंहार | 84 | मध्यमखण्ड | प्रथमोऽध्यायः | | चावल का धोवन बनाने की विधि | 88 | | पञ्च-कषाय | 85 | अरलूत्वक् पुटपाक | 88 | | स्वरस-निर्माण-विधि | 85 | तित्तिर पुटपाक | 88 | | स्वरस की दूसरी विधि | 85 | दाड़िम पुटपाक | 88 | | स्वरस की तीसरी विधि | 85 | बीजपूरादि पुटपाक | 88 | | स्वरस-पान की मात्रा | 85 | वासा पुटपाक | 88 | | प्रक्षेप द्रव्यों का मान | 86 | कण्टकारी पुटपाक | 88 | | अमृता-स्वरस | 86 | बिभीतक पुटपाक | 88 | | वासक-स्वरस | 86 | शुण्ठी पुटपाक | 89 | | त्रिफलादि का स्वरस | 86 | दूसरा शुण्ठी पुटपाक | 89 | | तुलसी आदि का स्वरस | 86 | सूरण पुटपाक | 89 | | जम्ब्वादि पत्र-स्वरस | 86 | मृगशृंग पुटपाक | 89 | | बब्बूलादि स्वरस | 86 | द्वितीयोऽध्यायः | | | आर्द्रक-स्वरस | 86 | क्वाथ बनाने की विधि | 90 | | बीजपूर-स्वरस | 86 | क्वाथ-पान की विधि | 90 | | शतावरी आदि का स्वरस | 86 | क्वाथ में मधु आदि का परिमाण | 90 | | अलम्बुषादि स्वरस | 86 | क्वाथ में जीरा आदि का परिमाण | 90 | | मुण्डी-स्वरस | 87 | क्वाथ में दूध आदि का परिमाण | 90 | | ब्राह्मी आदि का स्वरस | 87 | क्वाथ पकाने को विधि | 90 | | सोमरोग-चिकित्सा | 87 | गुडूच्यादिगण क्वाथ | 91 | | उदर्द-चिकित्सा | 87 | गुडूच्यादि क्वाथ | 91 | | उष्णोपद्रव-चिकित्सा | 87 | शालपर्ण्यादि क्वाथ | 91 | | कूष्माण्ड-स्वरस | 87 | काश्मर्यादि क्वाथ | 91 | | गाङ्गेरुकी-स्वरस | 87 | कट्फलादि क्वाथ | 91 | | पुटपाक-विधि | 87 | पर्पटादि क्वाथ | 91 | | कुटज पुटपाक | 88 | द्राक्षादि क्वाथ | 91 |