शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
शार्ङ्गधराचार्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें(xix) खदिरादि क्वाथ १०१ | पेया तथा यूष १०६ पटोलादि क्वाथ १०१ | भक्त-निर्माण-विधि १०६ अमृतादि क्वाथ १०१ | मण्ड-निर्माण-विधि १०६ पटोलादि क्वाथ १०२ | अष्टगुण मण्ड १०७ धात्रीखदिर क्वाथ १०२ | यवमण्ड १०७ लघुमञ्जिष्ठादि क्वाथ १०२ | लाजमण्ड १०७ बृहन्मञ्जिष्ठादि क्वाथ १०२ | तृतीयोऽध्यायः पथ्यादि क्वाथ १०२ | फाण्ट-निर्माण-विधि १०८ वासादि क्वाथ १०२ | बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट १०८ अमृतादि क्वाथ १०३ | आम्रादि फाण्ट १०८ पञ्चवल्कल क्वाथ १०३ | लघुमधूकपुष्पादि फाण्ट १०८ पाठादि क्वाथ १०३ | मन्थ-विधि १०८ निम्बादि क्वाथ १०३ | खर्जूरादि मन्थ १०९ काञ्चनार क्वाथ १०३ | मसूर सक्तु मन्थ १०९ शतपुष्पादि क्वाथ १०३ | यवसक्तु मन्थ १०९ लंघन या अपतर्पण १०३ | चतुर्थोऽध्यायः लंघन के अयोग्य व्यक्ति १०३ | हिम-निर्माण-विधि ११० लंघन का फल १०३ | आम्रादि हिम ११० सुलंघित का लक्षण १०३ | मरिचादि हिम ११० अति लंघन के दोष १०३ | नीलोत्पलादि हिम ११० लंघन का सदुपयोग १०३ | अमृता हिम ११० प्रमथ्यापाक-विधि १०३ | धान्यक हिम ११० मुस्तकादि प्रमथ्या १०४ | धान्यकादि हिम ११० यवागू-निर्माण-विधि १०४ | पञ्चमोऽध्यायः आम्रादि यवागू १०४ | कल्क-निर्माण-विधि ११२ यूष-निर्माण-विधि १०४ | वर्द्धमानपिप्पली कल्क ११२ सप्तमुष्टिक यूष १०४ | निम्बपत्र कल्क ११२ पानादि विधि १०५ | महानिम्ब कल्क ११२ षडङ्ग-पानीय १०५ | रसोन कल्क ११२ उष्णोदक-विधि १०५ | द्वितीय रसोन कल्क ११३ उष्णोदक के गुण १०५ | पिप्पल्यादि कल्क ११३ क्षीरपाक-विधि १०५ | विष्णुक्रान्ता कल्क ११३ पञ्चमूलपक्व-क्षीर १०५ | शुण्ठ्यादि कल्क ११३ त्रिकण्टकपक्व-क्षीर १०५ | अपामार्गबीज कल्क ११३ यवागू आदि की निर्माण-विधि १०६ | बदरीमूल कल्क ११४ विलेपी-विधि १०६