शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
शार्ङ्गधराचार्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished356 पृष्ठ
पृष्ठ 349, कुल 356 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 349
रोगपरक-सूची | 313
| स्तम्भ १ | स्तम्भ २ | स्तम्भ ३ |
|---|---|---|
| निदिग्धिकादि क्वाथ — 94 | लाक्षादि तैल — 152 | कामदेव घृत — 147 |
| पुनर्नवादि क्वाथ — 96, 100 | लोहासव — 168 | विरेचन नस्य — 245 |
| वासादि क्वाथ — 96 | खदिरारिष्ट — 170 | 100. हिक्का रोग |
| क्षुद्रादि क्वाथ — 97 | बब्बूलारिष्ट — 170 | रेणुकादि क्वाथ — 97 |
| दशमूल क्वाथ — 93 | द्राक्षारिष्ट — 171 | लवंगादि चूर्ण — 122 |
| वासादि क्वाथ — 102 | दशमूलारिष्ट — 171 | लवणत्रितयादि चूर्ण — 124 |
| उष्णोदक विधि — 105 | लोकनाथ रस — 192 | हिंग्वादि चूर्ण — 126 |
| पञ्चमूलपक्व-क्षीर — 105 | मृगांकपोट्टली रस — 194 | सूरण बटक — 132 |
| वर्धमानपिप्पली कल्क — 112 | हेमगर्भपोट्टली रस — 195 | कण्टकारी अवलेह — 140 |
| सुदर्शन चूर्ण — 119 | दूसरा हेमगर्भपोट्टली रस — 195 | अगस्तहरीतकी अवलेह — 142 |
| कट्फलादि चूर्ण — 120 | लोह रसायन — 208 | लोकनाथ रस — 192 |
| बृहत्कट्फलादि चूर्ण — 120 | वमन — 221-224 | 101. हृद्रोग |
| तृतीय कट्फलादि चूर्ण — 120 | (तमक रोग) | एरण्डादि क्वाथ — 98 |
| पिप्पल्यादि चूर्ण — 122 | लवंगादि चूर्ण — 122 | दशमूल क्वाथ — 93, 98 |
| लवंगादि चूर्ण — 122 | 96. सूतिका रोग | सुदर्शन चूर्ण — 119 |
| जातीफलादि चूर्ण — 122 | देवदार्वादि क्वाथ — 94 | लवंगादि चूर्ण — 122 |
| नाराच चूर्ण — 124 | बलादि तैल — 154 | महाखाण्डव चूर्ण — 123 |
| लवणत्रितयादि चूर्ण — 124 | 97. सोम रोग | नारायण चूर्ण — 123 |
| शुण्ठ्यादि चूर्ण — 126 | सोमरोग-चिकित्सा — 87 | लवणत्रितयादि चूर्ण — 124 |
| हिंग्वादि चूर्ण — 126 | 98. स्तन रोग | चित्रकादि चूर्ण — 125 |
| तालीसादि चूर्ण — 127 | रक्त निर्हरण — 272 | शुण्ठ्यादि चूर्ण — 126 |
| सितोपलादि चूर्ण — 127 | (स्तन्य रोग) | यवानीखाण्डव चूर्ण — 126 |
| लवणभास्कर चूर्ण — 127 | वमन — 221-224 | लवणभास्कर चूर्ण — 127 |
| व्योषादि बटी — 132 | (स्तन्यनाश रोग) | कांसायन बटी — 134 |
| सूरण-पिण्डी — 132 | जीवनीयगण चूर्ण — 118 | च्यवनप्राशावलेह — 140 |
| पिप्पली-मोदक — 133 | 99. स्वरभंग रोग | महापञ्चतिक्त घृत — 148 |
| चन्द्रप्रभा बटी — 133 | बिभीतक पुटपाक — 88 | लोहासव — 168 |
| योगराज गुग्गुलु — 135 | वासादि क्वाथ — 96, 102 | खदिरारिष्ट — 170 |
| कण्टकारी अवलेह — 140 | कट्फलादि चूर्ण — 120 | रोहीतकारिष्ट — 171 |
| च्यवनप्राशावलेह — 140 | दाडिमाष्टक चूर्ण — 121 | वमन — 221-224 |
| कूष्माण्डावलेह — 141 | व्योषादि बटी — 132 | विरेचन — 225-229 |
| अगस्त्यहरीतकी अवलेह — 142 | च्यवनप्राशावलेह — 140 | निरूहण वस्ति — 237 |