भारतकोश
शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary

शार्ङ्गधराचार्य द्वारा

स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished356 पृष्ठ

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(xxxi) अतितर्पण हीनतर्पण तथा उनका उपचार २८२ | रसाञ्जनादि रसक्रिया २८६ पुटपाक-विधि २८२ | गुडूची रसक्रिया २८६ पुटपाक के भेद २८२ | पुनर्नवा रसाञ्जन २८६ पुटपाक के योग २८२ | बब्बूल रसक्रिया २८६ अञ्जन-विधि २८३ | हिज्जल-रसक्रिया २८६ अञ्जन के भेद २८३ | कतक-रसक्रिया २८६ अञ्जन के अन्य तीन भेद २८३ | शिरोत्पात में रसक्रिया २८६ अञ्जन का निषेध २८३ | कृष्णसर्प वसाञ्जन २८७ गुटिकाञ्जन की मात्रा २८३ | लेखनाञ्जन २८७ रसरूप अञ्जन की मात्रा २८३ | कणा-अञ्जन २८७ चूर्णरूप अञ्जन की मात्रा २८४ | चूर्णाञ्जन (लेखन) २८७ शलाका-निर्माण-विधि २८४ | चूर्णाञ्जन (रोपण) २८७ अञ्जन प्रयोग विधि एवं काल २८४ | चूर्णाञ्जन (प्रसादन) २८७ चन्द्रोदयावर्ति २८४ | शलाका-निर्माण-विधि २८७ करञ्जवर्ति २८४ | प्रत्यञ्जन-विधि २८८ समुद्रफेनादिवर्ति २८४ | नयनामृताञ्जन २८८ दन्तवर्ति २८५ | सर्पविषनाशक अञ्जन २८८ नीलोत्पलवर्ति २८५ | नेत्र-प्रसादन-विधि २८८ कुसुमिकावर्ति २८५ | नेत्र-सिंचन-विधि २८८ रसाञ्जनवर्ति २८५ | नेत्र-रक्षा का महत्त्व २८८ धात्र्यादिवर्ति २८५ | ग्रन्थकार की प्रार्थना २८८ तुत्थादि-रसक्रिया २८५ | शुभकामना २८९ वटक्षीर-रसाञ्जन २८५ | ग्रन्थ की उपयोगिता २८९ अतिनिद्रानाशक योग २८५ | प्रतिसंस्कर्ता का निवेदन २८९ तन्द्रानाशक योग २८५ | अञ्जननिदानम् २९० प्रबोधाञ्जन २८६ | रोग-परक सूची (अकारादि क्रमानुसार) २९७ दार्व्यादि रसक्रिया २८६ CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmu. Digitized by S3 Foundation USA