शिव संहिता (भगवान् शिव प्रणीत - हठयोग एवं राजयोग सटीक)
Shiva Samhita with Hindi Commentary
भगवान् शिव / पं. मिहिरचन्द्र द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंप्रस्तावना. सर्व मोक्षाकांक्षी महापुरुषोंको विदित होय कि, यह “शिवसंहिता” नामक ग्रंथ जो संसारके उपकारार्थ पूर्व श्रीपार्वतीजीके प्रश्नोत्तर योगमार्गउत्पत्तिकर्त्ता श्रीशि- वजीने कृपापूर्वक योगोपदेश किया सो यह ग्रंथ यो- गाभ्यासी जनोंको अति उपकारक है इस हेतुसे कि, श्री- शिवजीने इसमें ब्रह्मज्ञान और हठयोगक्रिया राजयो- गसहित उत्तम सरलरीतिसे उपदेश किया है इसको प- रिश्रमसे लाभ करके योगाभ्यासी और मोक्षाकांक्षी जनोंके उपकारार्थ श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकयोगीराज श्री ६ स्वामी स्वयंप्रकाशानन्दसरस्वतीजीके साधक शिष्य काशीनिवासी गोस्वामी रामचरणपुरीजीके द्वारा भाषानुवाद कराय अब तीसरी वार शुद्ध करके निज “श्रीवेङ्कटेश्वर” (स्टीम्) मुद्रायन्त्रालयमें मुद्रित कर प्रसिद्ध किया। अब सर्व शास्त्रवेत्ता बुद्धिमान् जनोंसे प्रार्थना है कि, इस ग्रंथके मूल वा टीकामें जहां कहीं दृष्टिदोषसे अशुद्ध रहा होय उसको कृपापूर्वक सुधारदें. भवदीय शुभाकांक्षी- खेमराज श्रीकृष्णदास, “श्रीवेङ्कटेश्वर” यन्त्रालयाध्यक्ष-मुंबई.