श्री गुरु गीता (स्कन्द पुराण - उमा-महेश्वर संवाद सान्वय सटीक)
Shri Guru Gita from Skanda Purana with Hindi Commentary
भगवान् शिव / महर्षि वेदव्यास / डॉ. मोतीलाल खद्दर शास्त्री द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंCC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri अनन्तश्रीविभूषित ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारकाशारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती ज्योतिर्मठ श्रीशारदापीठम् तोटकाचार्य गुफा, चमोली, गढ़वाल (उत्तराखण्ड) द्वारका-३६१३३५, देवभूमि द्वारका (गुजरात) दूरभाष : ०१३८९-२२२१८५ दूरभाष : ०२८९२-२३४०६४ www.jagadgurushankaracharya.org क्रमांक : दिनांक : 09 अगस्त 2019 स्थल : अलिपुर, कोलकाता ॥ शुभाशंसनम् ॥ स्वस्तिश्री मोतीलाल खड्डर जी , नारायणस्मरण-पूर्वक शुभाशीर्वादाः । पीताम्बरा पीठ दतिया के स्वामी जी की पावन स्मृति में मोतीलाल खड्डर जी ने विभिन्न ग्रन्थों से गुरु महिमा के श्लोकों को संकलन किया है एवं गुरुगीता का भी इसमें समावेश किया है । गुरुतत्त्व पर भारतीय संस्कृति ने जो दृष्टिपात किया है वैसा अन्यत्र कहीं भी नहीं । भारतभूमि इसीलिए गुरुभूमि मानी जाती है यहाँ गुरुता भूमि में है । श्रीमद्भागवत में कहा है - आचार्यं मां विजानीयान्नावमन्येत कर्हिचित् । न मर्त्यबुद्ध्याऽसूयेत सर्वदेवमयोगुरुः ।। अर्थात् ब्रह्मरूप से स्वयं कृष्ण कह रहे हैं गुरु सर्वदेवमय हैं । अस्तु । पीताम्बरा पीठ के स्वामी जी भारत की संत परम्परा के दैदीप्यमान नक्षत्र की भाँति थे । उनके कारण ही दतिया को एक विशिष्ट पहचान मिली । वे उच्च कोटि के साधक थे, हमने उनके साथ शास्त्रचर्चा-पूर्वक बहुत समय व्यतीत किया है । उनकी स्मृति में गुरुगीता गुरुस्तवराज एवं गुर्वष्टकम् का प्रकाशन किया जा रहा है । ग्रन्थ की निर्विघ्न सफलता के लिए भगवान् चन्द्रमौलीश्वर से प्रार्थनापूर्वक हमारे भूरिशः शुभाशीर्वाद प्रेषित हैं । शुभैषी ०९/०८/२०१९ श्रावण शु.९/ २०७६ वि. स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती ५/१ बी. बेलवेडियर रोड, जगद्गुरु शङ्कराचार्य अलिपुर, कोलकाता (प.बं.) ज्योतिष्पीठ एवं शारदापीठ, द्वारका Prof. Madhav Prasad Lamichhane Collection, Kathmandu, Nepal