श्री गुरु गीता (स्कन्द पुराण - उमा-महेश्वर संवाद सान्वय सटीक)

श्री गुरु गीता (स्कन्द पुराण - उमा-महेश्वर संवाद सान्वय सटीक)
Shri Guru Gita from Skanda Purana with Hindi Commentary
भगवान् शिव / महर्षि वेदव्यास / डॉ. मोतीलाल खद्दर शास्त्री द्वारा
DevanagariSanskritpublished82 पृष्ठ
पृष्ठ 26, कुल 82 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 26
शुभकामना श्री गुरुचरण सरोज रज, निजमन मुकुर सुधार। बरनऊं रघुवर विमल जस, जो दायक फल चारि॥ दुर्गम काज जगत् के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते। (हनुमान चालीसा) डॉ. श्रीमोती लाल खड्डर शास्त्री (मास्टर जी) द्वारा लिखित गुरुगीता, गुरु स्तवराज एवं गुरु अष्टक के श्लोकों का हिन्दी अनुवाद करके पुस्तक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो समस्त भक्त-जनों का मार्ग प्रशस्त करेगा, ऐसा विश्वास है। मैं माई महाराज से उनके दीर्घायु होने की कामना करते हुए प्रार्थना भी करता हूँ कि भविष्य में इसका अंग्रेजी रूपान्तर भी हो। शुभकामना सहित नरेन्द्र पंजवानी ज्योतिषाचार्य डी-563 कमला नगर, आगरा (उ०प्र०) मो.-9410875488 (13)