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श्री गुरु गीता (स्कन्द पुराण - उमा-महेश्वर संवाद सान्वय सटीक)

श्री गुरु गीता (स्कन्द पुराण - उमा-महेश्वर संवाद सान्वय सटीक)

Shri Guru Gita from Skanda Purana with Hindi Commentary

भगवान् शिव / महर्षि वेदव्यास / डॉ. मोतीलाल खद्दर शास्त्री द्वारा

DevanagariSanskritpublished82 पृष्ठ

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पीताम्बरा माँ की आरती का हिन्दी रूपान्तर हे पीत वस्त्र धारण करने वाली माँ आपकी जय हो। हे सुखदात्री माँ हे वरदात्री माँ आपकी जय हो। माँ अपने भक्तो का दुख सदा के लिए दूर कर दो। हे देवि आपकी जय हो, हे देवि आपकी जय हो।।१।। दैत्यों से पीड़ित देवतागण जब आपकी शरण स्वीकारे तो आपने ही कौर्मशरीर धारण कर उनका दुख दूर किया है। हे देवि आपकी जय हो, हे देवि आपकी जय हो ।।२।। हे विमलाभी हे बगला माँ हे मुनिगणवन्दत चरणों वाली वाली माँ संसारार्णव का भय कृपा कर शांत करो माँ। हे देवि आपकी जय हो, हे देवि आपकी जय हो ।।३।। हे माँ आपका चरण कमल सनकमुनी भी स्मरण योग्य तथा ब्रह्मा, विष्णु, महेश और इन्द्र द्वारा भी सेव्य है। हे देवि आपकी जय हो, हे देवि आपकी जय हो ।।४।। माँ आप स्वर्ण सिंहासन पर विराजती है और मुद्गर पाश धारण करती है। शत्रु जिव्हा वज्र से शोभायमान पीतां शुक मुक्ता। हे देवि आपकी जय हो, हे देवि आपकी जय हो ।।५।। बिन्दु त्रिकोण स्वरूपा षड़स्त्र द्वारा संरक्षित अष्टदल से घिरी हुई षोडषदल वाले पीठ पर सुशोभित बल से युक्त माँ आपकी जय हो हे देवि आपकी जय हो ।।६।। हे माँ आपके साधकों के द्वारा इसी स्वरूप का ही चिंतन किया जाता है माँ आप शत्रु विनाशकवीज हृदय कमल में धारण करती है हे देवि आपकी जय हो, हे देवि आपकी जय हो ।।७।। हे माँ आपकी ही कृपा से अणिमादिक अनेकों सिद्धि भी प्राप्त होती हैं और साथ में सुखशक्ति भी प्राप्त होती है और सारे सुख प्राप्त करके साधक विष्णुलोक प्राप्त करता है। अतः हे देवि आपकी जय हो, हे देवि आपकी जय हो ।।८।। हे माँ पूजा काल में कोई भी यदि आपकी आरती का पाठ करता है तो वो धन धान्यादि से युक्त हो आपका सान्निध्य प्राप्त करता है इसलिए माँ आपकी जय हो आपकी जय हो ।।९।।