भारतकोश
श्री राम कथा में भारत की सभी समस्याओं का समाधान

श्री राम कथा में भारत की सभी समस्याओं का समाधान

Shri Ram Katha Mein Bharat Ki Sabhi Samasyaon Ka Samadhan

राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना द्वारा

स्रोत: Rashtraniti & Ram Katha Discourse · Swadeshi Robin Basrana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished32 पृष्ठ

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छोड़ दो कुर्सी, हम किसी ऐसे को लायेगे, राम-राज्य स्थापित करने में मदद करे, तो मैं मानता हूँ इसको, अभियान के रूप में चलाना है, हम लोग कोशिश कर रहे हैं, स्वदेशी अभियान इस देश में चलाने की, लेकिन एक अभियान ऐसा भी चले, जो राम-राज्य की स्थापना इस देश में कराये, मैं राम जी की आखिरी बात आपसे कहता हूँ, जब विभीषण को राम जी राजा बना रहे हैं, सोने की लंका विभीषण को सौंप कर जा रहे हैं, तो विभीषण उनको कहते हैं, कि “आप यही रह सकते हैं, मैं आपके नीचे काम कर सकता हूँ, मुझे कोई तकलीफ नहीं है, आप सम्राट रहे, राजा रहे”।

श्री राम कहते हैं, मेरी जो मातृभूमि है, वह स्वर्ग से भी महान है, इसलिए मुझे लौटना तो मातृभूमि में है, तुम्हारी ये सोने की लंका तुम्हें मुबारक है, मेरे लिए तो ये मिट्टी के समान है, मेरी तो मातृभूमि स्वर्ग से भी महान है, ये बात हम कभी ना भूलें, श्री राम जी की ये बात हमारे हृदय में रहें, हमारी मातृभूमि स्वर्ग से भी महान है, अमेरिका, यूरोप चाहे सोने की लंका हो, वो हमारे लिए मिट्टी की धूल के बराबर हैं, यदि ये बात हमें समझ में आ जाये, श्री राम जी की, तो भारत से गये, 2 करोड़ NRI, एक क्षण में अमेरिका यूरोप छोड़ देगे, और उनकी बुद्धि और पैसे का सारा उपयोग, इस देश के विकास के लिए हो जायेगा, और ये देश सच में सोने की चिट्ठिया बन जायेगा, इसी के साथ मैं सबको प्रणाम करता हूँ, और श्री राम आप सभी को ऐसी प्रेरणा दे, हम सब मिलकर उनके राज्य की स्थापना करने में लग जाये।

धन्यवाद

- राजीव दीक्षित जी