श्रीरामचरितमानस
Shri Ramcharitmanas
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
पृष्ठ 1055, कुल 1058 में से
संदर्भ में पढ़ेंश्रीरामशलाका प्रश्नावली
मानसानुरागी महानुभावोंको श्रीरामशलाका प्रश्नावलीका विशेष परिचय देनेकी कोई आवश्यकता नहीं प्रतीत होती। उसकी महत्ता एवं उपयोगितासे प्रायः सभी मानसप्रेमी परिचित होंगे। अतः नीचे उसका स्वरूपमात्र अङ्कित करके उससे प्रश्नोत्तर निकालनेकी विधि तथा उसके उत्तर-फलोंका उल्लेख कर दिया जाता है। श्रीरामशलाका प्रश्नावलीका स्वरूप इस प्रकार है—
| सु | प्र | उ | बि | हो | मु | ग | ब | सु | नु | बि | घ | धि | इ | द |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| र | रु | फ | सि | सि | रहिं | बस | हि | मं | ल | न | ल | य | न | अं |
| सुज | सो | ग | सु | कु | म | स | ग | त | न | इ | ल | धा | बे | नो |
| त्य | र | न | कु | जो | म | रि | र | र | अ | की | हो | सं | रा | य |
| पु | सु | थ | सी | जे | इ | ग | म* | सं | क | रे | हो | स | स | नि |
| त | र | त | र | स | हुँ | ह | ब | ब | प | चि | स | हिं | स | तु |
| म | का | । | र | र | म | मि | मी | म्हा | । | जा | हूँ | हीं | । | । |
| ता | रा | रे | री | ह | का | फ | खा | जू | ई | र | रा | पू | द | ल |
| नि | को | जो | गो | न | मु | जि | यँ | ने | मनि | क | ज | प | स | ल |
| हि | रा | मि | स | रि | ग | द | न्मु | ख | म | खि | जि | म | त | जं |
| सिं | ख | नु | न | को | मि | निज | कँ | ग | धु | ध | सु | का | स | र |
| गु | ब | म | अ | रि | नि | म | ल | । | न | ढ़ | ती | न | क | भ |
| ना | पु | व | अ | । | र | ल | । | ए | तु | र | न | नु | वै | थ |
| सि | हुँ | सु | म्ह | रा | र | स | स | र | त | न | ख | । | ज | । |
| र | । | । | ला | धी | । | री | । | हूँ | हीं | खा | जू | ई | रा | रे |
इस रामशलाका प्रश्नावलीके द्वारा जिस किसीको जब कभी अपने अभीष्ट प्रश्नका उत्तर प्राप्त करनेकी इच्छा हो तो सर्वप्रथम उस व्यक्तिको भगवान् श्रीरामचन्द्रजीका ध्यान करना चाहिये। तदनन्तर श्रद्धा-विश्वासपूर्वक मनसे अभीष्ट प्रश्नका चिन्तन करते हुए प्रश्नावलीके मनचाहे कोष्ठकमें अँगुली या कोई शलाका रख देना चाहिये और उस कोष्ठकमें जो अक्षर