श्रीमद्भागवत महापुराण
Shrimad Bhagavata Mahapurana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
पृष्ठ 1176, कुल 1617 में से
संदर्भ में पढ़ेंश्रीभगवान्के श्रीविग्रहके सामने कम्बलसे सारा शरीर ढक लेना। २०-श्रीभगवान्के श्रीविग्रहके सामने दूसरेकी निन्दा करना। २१-श्रीभगवान्के श्रीविग्रहके सामने दूसरेकी स्तुति करना। २२-श्रीभगवान्के श्रीविग्रहके सामने अश्लील शब्द बोलना। २३-श्रीभगवान्के श्रीविग्रहके सामने अधोवायुका त्याग करना। २४-शक्ति रहते हुए भी गौण अर्थात् सामान्य उपचारोंसे भगवान्की सेवा-पूजा करना। २५-श्रीभगवान्को निवेदित किये बिना किसी भी वस्तुका खाना-पीना। २६-जिस ऋतुमें जो फल हो, उसे सबसे पहले श्रीभगवान्को न चढ़ाना। २७-किसी शाक या फलादिके अगले भागको तोड़कर भगवान्के व्यंजनादिके लिये देना। २८-श्रीभगवान्के श्रीविग्रहको पीठ देकर बैठना। २९-श्रीभगवान्के श्रीविग्रहके सामने दूसरे किसीको भी प्रणाम करना। ३०-गुरुदेवकी अभ्यर्थना, कुशल-प्रश्न और उनका स्तवन न करना और ३१-अपने मुखसे अपनी प्रशंसा करना। ३२-किसी भी देवताकी निन्दा करना।