श्रीमद्भागवत महापुराण

श्रीमद्भागवत महापुराण
Shrimad Bhagavata Mahapurana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
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समान प्रभावशाली होनेपर भी, अपने अपराधसे अवश्य थोड़े ही कालमें नष्ट हो जायगा' ।।२५।।
इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां पञ्चमस्कन्धे दशमोऽध्यायः ।।१०।।
१. प्रा० पा०—सिन्धुपते। २. प्रा० पा०—शिबिकावाहक०। ३. प्रा० पा०—पुरुषान्वेषसमये। ४. प्रा० पा०—यावान् संहननांगो। ५ प्रा० पा०—मतदर्पण०।