श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण

श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण
Shrimad Valmiki Ramayana
महर्षि वाल्मीकि द्वारा
DevanagariHindipublished2,621 पृष्ठ
पृष्ठ 1809, कुल 2621 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 1809
उसे देखकर उन्हें बड़ी प्रसन्नता हुई॥ ३६ ॥
तदनन्तर महामना महात्मा श्रीराम अपनी विशाल सेनाके द्वारा वहाँकी सारी पृथ्वीको आच्छादित करके शत्रुवधका निश्चय किये बड़े हर्ष और उत्साहसे लङ्काकी ओर चले॥ ३७ ॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें सैंतीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ३७ ॥