श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण

श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण
Shrimad Valmiki Ramayana
महर्षि वाल्मीकि द्वारा
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इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें अठासीवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ८८ ॥
* यह सरोवर उस सीमासे बाहर था, जहाँतकके प्राणी भगवान् शिवके आदेशसे स्त्रीरूप हो गये थे। इसीलिये बुधको स्त्रीत्वकी प्राप्ति नहीं हुई थी।