भारतकोश
शृंगार शतक

शृंगार शतक

Shringar Shatak

भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा

स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)

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श्रीरामायणक

वधा के मंझे में नियतम घर से बाहर जा नहीं सकते। जाड़े के मारे कौफो हईं स्त्रियाँ उन्हें आलिङ्गन करती हैं। इस तरह वधा के दुर्दिन भी मायवजानों को सुदिन हो जाते हैं।

Popular Press—Calcutta.

(पृष्ठ १०८)