भारतकोश
शृंगार शतक

शृंगार शतक

Shringar Shatak

भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा

स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)

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भूतशक्तिक

जिसके गोरे-गोरे स्तनों पर मोतियों के हार भूल रहे हैं, नपुर-रूपी हंस जिसके त्वरण-कमलों में मधुर-मधुर शब्द कर रहे हैं—ऐसी मनोमोहिनी काम-मद से सत्काली नारी किसका मन वश में नहीं कर लेती ? [ पृष्ठ २७ ]

Popular Press=Calcutta.

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