भारतकोश
शृंगार शतक

शृंगार शतक

Shringar Shatak

भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा

स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)

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हरिदास पण्ड कम्पनी, २०१ हरिसन रोड, कलकत्ता। २३

वीर्य और मांस बढ़ेगा। यह दवा ३० सालकी आजुमाई हुई है। हज़ारों रोगों बंगे हुए हैं; पर फ़ायदा उन्हें ही करता है, जो दो या तीन महीने तक खाते हैं। जो वैद्य १०।२० दिनोंमें धातु रोग आराम करनेकी बात कहते हैं, वे भगवान् से न डरकर झूठ बोलते हैं। हमें झूठ बोलकर पैसा नहीं उठाना। दाम ४० दिनेके खाने योग्य ८० मात्राका दाम १५)

कामदेव चूर्ण।

यह चूर्ण यथा नाम तथा गुण है। इसके २३ महीने खानेसे खा-प्रसंगकी इच्छा खूब ज़ियादा होती है। इससे धातु-क्षीणता जाती और स्तम्भन-शक्ति बढ़ती है। यह कामदेवको उत्तेजित करनेमें रामवाण है। थोड़े दिनोंकी नामदीं भी इससे अवश्य जाती रहती है।

अगर ४० दिन धातुपुष्टिकर खाकर, ८० दिन या ६० दिन यह कामदेव चूर्ण सेवन किया जाय, तो सोनेमें सुगन्ध हो जाय। यह चूर्ण भी ३० सालका परीक्षित है। कभी फैल नहीं होता, पर देरमें लाभ दिखाता है। हाँ, आराम शक्तिया और पक्का करता है। दाम ४० दिन योग्य चूर्णका २०)

कान्ता गर्वहारि चूर्ण। (Banar)

इस चूर्णसे बरस दो बरसका प्रमेह या धातुक्षीणतः नाश होकर, वीर्य खूब मुष्ट होता है। वीर्यको गाढ़ा और बलवान बनानेमें यह चूर्ण शैमन्त्राण है। खूब परीक्षा हो चुकी है।