भारतकोश
सिद्धान्तशिरोमणि: गोलाध्याय (भास्कराचार्य - मरीचि भाष्य एवं पं. केदारदत्त जोशी सविस्तार व्याख्या)

सिद्धान्तशिरोमणि: गोलाध्याय (भास्कराचार्य - मरीचि भाष्य एवं पं. केदारदत्त जोशी सविस्तार व्याख्या)

Siddhanta Shiromani Goladhyaya with Marichi Commentary

भास्कराचार्य द्वितीय (भाष्यकार: मुनीश्वर / केदारदत्त जोशी) द्वारा

DevanagariHindipublished723 पृष्ठ

पृष्ठ 3, कुल 723 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 3

॥ श्रीः ॥ श्रीमद्भास्कराचार्य विरचिते सिद्धान्तशिरोमणौ गोलाध्यायः स्वोपज्ञवासनाभाष्येण, मुनीश्वरापरनामविश्वरूपविरचित— मरीचिभाष्येण च समलङ्कृतः जोश्युपाख्य केदारदत्तविरचितया हिन्दीव्याख्यया उपपत्त्या च सहितः व्याख्याकार :— श्री पं० केदारदत्त जोशी ज्योतिषशास्त्राचार्य ( गणित + फलित ) अवकाशप्राप्त प्राध्यापक ज्योतिष विभाग काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी १/२८ हरिहर्ष निकेतन नगवा ( नलगाँव ), वाराणसी २२१००५ मो ती ला ल ब ना र सी दा स दिल्ली वाराणसी पटना मद्रास बंगलौर

सिद्धान्तशिरोमणि: गोलाध्याय (भास्कराचार्य - मरीचि भाष्य एवं पं. केदारदत्त जोशी सविस्तार व्याख्या) · पृष्ठ 3, कुल 723 में से · BharatKosha