स्पन्दकारिका (भट्ट कल्लट स्पन्दवृत्ति व हिन्दी व्याख्या सहित)
Spanda Karika with Spanda Vritti & Hindi Commentary
महर्षि वसुगुप्त / भट्ट कल्लट द्वारा
स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास · मोतीलाल बनारसीदास · 1950 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंपरिशिष्ट II १७१ पूर्ण चैतन्य ७५ बिन्दु १३८ पूर्णत्व ५८ बिम्ब ३० पूर्ण-ज्ञातृता ५६, ६४, ७०, ७५ बिम्बग्राही १८ पंच-कृत्य १६, ५८ बीज १४८ पंच-कंचुक ६२, ६९ बुद्ध ८६, ८७, ८८ प्रकाश ५७ बुद्धि ४६ प्रकाशविमर्शमय संघट्ट ९४ बुद्धि-दर्पण ९७ प्रणय १२८ प्रतिविम्ब २९ भ प्रतिष्ठित-स्पन्द ९३ भावराशि ५२ प्रत्ययोद्भव १५०, १५१, १५२, १५३, १६० भाव-वर्ग २७, ७० प्रत्यक्षवाद ४१ भावात्मक १२० प्रथमाभास १४१, १४२ भावनात्मक विश्व ४५ प्रबुद्ध ८४, ८५, ८६, ८७, ८८ भुवन २५, ८८ प्रबुद्ध-प्रमाता ८८ भूतात्मक १२० प्रमा १९, ९१, ९३ भेद-व्याप्ति ४७, ५५, ८६ प्रमाण १९, २७, ३०, ९१, ९३ भैरवी-अवस्था २४ प्रमाता १८, १९, २४, ३२, ३३, ३८, ४३, भौतिक ३७ ४६, ९१, ९२, ९३ भौतिक-वाद ४१ प्रमातृ-भाव ७८ म प्रमेय १८, १९, २१, २४, २७, ३८, ४८, मध्य-धाम १२८, १३० ५१, ९१ मध्य-नाडी १०८, ११०, १११ प्रलय १५ मध्यमा २३, ४८ प्रसार २६ मन्त्र २२, ११२, ११३ प्राण ३२, ४७, ५१, ९३, ९७ मन्त्रदेवता १२१, १२३ प्राणना २१, ९३ मन्त्रवीर्य ११२, १२१, १२२, १२५ प्राणस्पन्द ९४ मन्त्रशक्ति १२५ प्रातिभ-ज्ञान १४२ मल ५९ ब मलत्याग ४६ बहिर्मुख २३, २७, ४२ मलत्रय ५९, ६० बहिर्मुख-प्रसार ६५ महामाया ६० बहिर्मुख-स्पन्द २१, ६५ महासत्ता ८४ बहिष्करण ४७ मातृका (शब्दराशि) २२, ११५, १४७, १४९ बाह्य २६ मातृका १५