भारतकोश
स्पन्दनिर्णय एवं स्पन्दकारिका (आचार्य क्षेमराज - काश्मीर शैव स्पन्द-शास्त्र सान्वय सटीक)

स्पन्दनिर्णय एवं स्पन्दकारिका (आचार्य क्षेमराज - काश्मीर शैव स्पन्द-शास्त्र सान्वय सटीक)

Spanda Nirnaya of Acharya Kshemaraja with Hindi Commentary

आचार्य वसुगुप्त / क्षेमराज द्वारा

DevanagariHindipublished519 पृष्ठ

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॥ श्रीः ॥ चौखम्बा सुरभारती ग्रन्थमाला ३७० — ❖ — स्पन्दकारिका भट्टकल्लट-क्षेमराज-उत्पलाचार्य-रामकण्ठाचार्य-प्रणीता 'स्पन्दकारिकावृत्ति- 'स्पन्दनिर्णय'-'स्पन्दप्रदीपिका'-'स्पन्दकारिकाविवृति'-निष्कर्षरूपा 'सरोजिनी' हिन्दीव्याख्यासहिता व्याख्याकार डॉ० श्यामाकान्त द्विवेदी 'आनन्द' एम.ए., एम.एड., व्याकरणाचार्य, पीएच्.डी., डी.लिट्. चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन वाराणसी