श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविषय-सूची उद्धृत ग्रन्थ ................................................................... i-iii अध्याय विवरण .............................................................. iv-v 15 सार्वभौमके घरमें भोजन-विलास .................................... 1-47 16 पुनःगौड़गमन-विलास .............................................. 49-90 17 श्रीवृन्दावन-गमन .................................................... 93-127 18 श्रीवृन्दावन-दर्शन-विलास ........................................... 129-169 19 प्रयागमें श्रीरूपपर अनुग्रह ........................................... 171-219 20 स्वरूपतत्तत्वरूप-श्रीभगवत्स्वरूप-भेदविचार .................... 221-289 21 सम्बन्धतत्त्व-विचारसे श्रीकृष्ण-ऐश्वर्य-माधुर्य-वर्णन ... 291-324 22 अभिधेयभक्तितत्त्व-विचार ............................................ 327-375 23 प्रेमप्रयोजन-विचार ................................................. 377-407 24 'आत्मारामश्च'-श्लोक-व्याख्यासे श्रीसनातनपर अनुग्रह 409-474 25 काशीवासियोंका वैष्णवकरण और पुनः नीलाचल-गमन 477-519 श्लोक सूची ................................................................. 521-528 पद्य सूची ................................................................. 529-545 शब्दकोष ................................................................. 547-554