श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंसमर्पण श्रीचैतन्य महाप्रभुके अन्तरङ्ग पार्षदवर्ग श्रीस्वरूप-श्रीरूप-श्रीरघुनाथ गोस्वामीके आन्तरिक आनुगत्यमें श्रीगौरवाणीके यथार्थ तात्पर्य 'मधुररसमयी विशुद्ध व्रजभक्ति' का आस्वादन एवं अपने आचार-विचार, अपनी वाणी तथा लेखनीके माध्यमसे सम्पूर्ण विश्वमें उसका मुक्तहस्तसे वितरण करनेवाले श्रीगौर एवं श्रीराधाके नित्यजन हमारे परमाराध्यतम श्रील गुरुदेव ॐ विष्णुपाद अष्टोत्तरशतश्री श्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराजकी आन्तरिक अभिलाषा हमारे वैष्णवाचार्योंकी टीका सहित श्रीश्रीचैतन्यचरितामृतको हिन्दी भाषामें प्रकाशित करना था। श्रीगौरपूर्णिमाके शुभ अवसरपर उनकी अहैतुकी कृपाके बलसे ही प्रकाशित उक्त ग्रन्थके प्रथम भाग (आदिलीला अध्याय १-७) को हम उनके श्रीकरकमलोंमें समर्पित करते हैं। श्रील गुरुदेवकी प्रसन्नता एवं आशीर्वाद ही हमारा पारितोषिक है।' —प्रकाशन-मण्डली