श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
पृष्ठ 812, कुल 2549 में से
संदर्भ में पढ़ें[ एइ-एतकाल
एइ त' कहिलाङ आचार्य १२/७६ | एइमत लीला दुँहे १४/७० | एकदिन नैवेद्य-ताम्बुल १५/१६ एइ त' कहिलुँ प्रेमफल ९/५४ | एइमत वैष्णव कारे १७/२९ | एकदिन प्रभु विष्णुमण्डपे १७/११५ एइ त' कैशोर-लीला १६/४ | एइ मत शिशुलीला करे १४/९३ | एकदिन प्रभु सब भक्तगण १७/७९ एइ त' निश्चय करि' आइल १०/९५ | एइमत संख्यातीत चैतन्य १०/१५९ | एक दिन बले किछु १७/४७ एइ त' पौगण्ड-लीलार १५/३१ | एइमत सब शाखा १०/१६ | एकदिन प्रभु श्रीवासे आज्ञा १७/९० एइ त' प्रस्तावे आछे बहुल १२/५५ | एइ मते काजीरे प्रभु १७/२२६ | एकदिन महाप्रभुर नृत्य १७/२४३ एइ त' संक्षेपे कहिलाङ १२/८८ | एइमते दुँहे करेन धर्मेर १४/९० | एकदिन मातार पदे करिया १५/८ एइ तिन शाखा वृक्षर १०/८४ | एइमते नाना छले ऐश्वर्य १४/३६ | एकदिन मिश्र पुत्रेर चापल्य १४/८३ एइ तिन स्कन्धेर कैलुँ १२/९० | एइमते निज-घरे गेला १६/१०५ | एकदिन वल्लभाचार्य-कन्या १४/६२ एइ दुइ-घरे प्रभु एकादशी १०/७१ | एइ 'मध्यलीला'-नाम १३/३७ | एकदिन विप्र, नाम १७/३७ एइ दुइजनेर सूत्र देखिया १३/१७ | एइ मालाकार खाय एइ ९/५१ | एकदिन शची खइ-सन्देश १४/२४ “एइ देख कुओर भितर १७/२८४ | एइ मालीर-एइ वृक्षर १०/३ | एकदिन शची-देवी पुत्रेरे १४/७२ एइ देख, नखचिह्न आमार १७/१८६ | एइ मासे पुत्र हबे १३/८८ | एक दिन श्रीवासेर मन्दिरे १७/२२७ एइ दृढ़ युक्ति करि' १७/२६८ | एइ लागि' श्लोकेर अर्थ १६/५७ | एक दोषे सब अलङ्कार १६/६९ एइ नव मूल निकसिल ९/१५ | एइ शिक्षा सबाकारे, सबे १२/५३ | एक पड़ुया आइल १७/२४८ एइ नव मूले वृक्ष ९/१६ | एइ शिशु सर्वलोके करिबे १४/१६ | एक पादे नाहि, एइ १६/६७ एइ नव मूले वृक्ष ९/१५ | एइ शिशु अङ्गे देखि १४/१४ | एक फल खाइले रसे १७/८५ एइ पञ्चदोषे श्लोक कैल १६/६८ | “एइ श्लोकेर अर्थ कर” १६/४२ | एकफलेर मूल्य करि' ताहा ९/२८ एइ पञ्चपुत्र तोमार-मोर १०/१३४ | एइ सप्तदश प्रकार 'आदि १७/३२८ | एक ब्राह्मणी आसि' १७/२४३ एइ पापे नवद्वीप हइबे १७/२११ | एइ सब चन्द्रोदये तमः १३/४ | एक-भावे चब्बिश प्रहर १०/१७ एइ पितार वाक्य शुनि' १२/१४ | एइ सब ना माने येबा ८/७ | एक श्लोकेर अर्थ यदि १६/३९ एइमत आचार करे भक्ति १७/३० | एइ सब महाशाखा-चैतन्य १०/७९ | एक श्वेतकुष्ठे यैछे १६/७० एइमत कीर्त्तन करि' १७/१३९ | एइ सब मोर निन्दा १७/२६१ | एकला उठाञा दिते हय ९/३५ एइ मत चापल्य सब १४/६१ | एइसब लीला करे शचीर १७/८७ | एकला मालाकार आमि ९/३४ एह मत दुँहार कथा १७/१५१ | एइ सर्वशाखा पूर्ण-पक्व ११/५८ | एकला मालाकार आमि ९/३७ एइ मत नाना लीला १५/२२ | एक 'अद्वैत' नाम, आर ९/२१ | एकला वा कत फल ९/३४ एइमत नृत्य हइल चारि १७/१२० | एक आम्रबीज प्रभु अङ्गने १७/८० | एकादशे 'नित्यानन्दशाखा १७/३२४ एइमत प्रतिदिन फले १७/८६ | एक एक शाखार शक्ति १०/१६२ | एकैक शाखाते उपशाखा ९/१९ एइ मत बङ्गे प्रभु १६/२० | एक 'कृष्णनामे' करे ८/२६ | एकैक-शाखाते लागे १०/१६० एइ मत बङ्गेर लोकेर १६/१९ | एक कृष्णनामेर फले ८/२८ | एत कहि आचार्य ताँरे १२/४३ एइ मत बारमास कीर्त्तन १७/८८ | एक कृष्णनामेर महा १७/३२१ | एत कहि' सिंह गेल १७/१८६ एइ मत भक्तयति १३/१०३ | एकजनेर पेट भरे-खाइले १७/८३ | एत कहि' सन्ध्याकाले १७/१३५ एइ मत भक्तिवृक्षे ९/२५ | एकदिन गोपीभावे गृहेते १७/२४७ | “एतकाल प्रकटे केह ना १७/१२६
276 | श्रीचैतन्यचरितामृत