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श्री रामकृष्ण वचनामृत (प्रथम भाग - सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' द्वारा अनूदित)

श्री रामकृष्ण वचनामृत (प्रथम भाग - सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' द्वारा अनूदित)

Sri Ramakrishna Vachanamrita (Part 1 - Tr. Nirala)

श्री 'म' (महेंद्रनाथ गुप्त) / सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' द्वारा

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पृष्ठ 649

६२६ श्रीरामकृष्णवचनामृत १९ सितम्बर, १८८४

श्रीठाकुरजी ने सुना था, तभी उन्होंने दर्शन दिये। और कहा, तुमने अगर किसी को कभी वस्त्र दिया हो तो याद करो, उससे लज्जा का निवारण होगा। द्रौपदी ने कहा एक ऋषि नहा रहे थे, उनका कौपीन बह गया था, मैंने अपने कपड़े से आधा फाड़कर उन्हें दिया था। श्रीठाकुरजी ने कहा, तो अब तुम कोई चिन्ता न करो।”

मास्टर श्रीरामकृष्ण के आसन के पूर्व की तरफ पाँवपोश पर बैठे हुए हैं।

श्रीरामकृष्ण – (मास्टर से) – तुम यह समझे?

मास्टर – जी, संस्कार की बात।

श्रीरामकृष्ण – एक बार कह तो जाओ, मैंने क्या कहा।

मास्टर – द्रौपदी नहाने गयी थी – आदि।

(हाजरा आये।)

(५)

क्या ईश्वर प्रार्थना सुनते हैं? साधना

हाजरा महाशय यहाँ दो साल से हैं। उन्होंने श्रीरामकृष्ण की जन्म-भूमि कामारपुकुर के पास सिऊड़ ग्राम में पहले-पहल उनके दर्शन किये थे, सन् १८८० ई. में। इस मौजे में श्रीरामकृष्ण के भांजे श्रीयुत हृदय मुखोपाध्याय रहते हैं। उस समय श्रीरामकृष्ण हृदय के यहाँ रहते थे।

सिऊड़ के पास मरागोड़ मौजे में हाजरा महाशय रहते हैं। उनके कुछ जमीन-जायदाद भी हैं। स्त्री-परिवार और लड़के-बच्चे भी हैं। घरगृहस्थी का काम किसी तरह चल जाता है। कुछ ऋण भी है, लगभग हजार रुपया होगा।

यौवनकाल से ही उनमें वैराग्य का भाव है। साधु कहाँ है, भक्त कहाँ है, यही सब खोजते फिरते थे। जब पहले-पहल दक्षिणेश्वर काली-मन्दिर में आये और वहाँ रहना चाहा तब श्रीरामकृष्ण ने उनके भक्तिभाव को देखकर, और उन्हें अपने देश का परिचित मनुष्य जानकर, यत्नपूर्वक अपने पास रख लिया।

हाजरा का ज्ञानियों जैसा भाव है। श्रीरामकृष्ण का भक्तिभाव और लड़कों के लिए उनकी व्याकुलता उन्हें पसन्द नहीं। कभी कभी वे श्रीरामकृष्ण को महापुरुष सोचते हैं और कभी कभी साधारण आदमी।

वे श्रीरामकृष्ण के दक्षिणपूर्ववाले बरामदे में आसन लगाकर बैठे हैं। वहीं माला लेकर बड़ी देर तक जप किया करते हैं। राखाल आदि भक्त अधिक जप नहीं करते, इसलिए लोगों से वे उनकी निन्दा किया करते हैं।

वे आचार का पक्ष बहुत लेते हैं। ‘आचार-आचार’ करके उन्हें एक तरह शुचिता का रोग हो गया है। उनकी उम्र ३८ साल की होगी।

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