भारतकोश
श्रीमद्भगवद्गीतारहस्य अथवा कर्मयोगशास्त्र (लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक)

श्रीमद्भगवद्गीतारहस्य अथवा कर्मयोगशास्त्र (लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक)

Srimad Bhagavad Gita Rahasya by Bal Gangadhar Tilak

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा

DevanagariHindipublished956 पृष्ठ

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संक्षिप्त चिन्होंका परिचय ३९ मैत्र्यु. मैत्र्युपनिषद् अथवा मैत्रायण्युपनिषद् । प्रपाठक और मंत्र । आनंदाश्रमका संस्करण । याज्ञ. याज्ञवल्क्यस्मृति । अध्याय और श्लोक । बम्बईका छापा हुआ । इसकी अपराके टीकाकाभी (आनंदाश्रमका संस्करण ) दो-एक स्थानोंपर उल्लेख है । यो. अथवा योग. योगवाशिष्ठ । प्रकरण, सर्ग और श्लोक । छठै प्रकरणके दो भाग हैं, (पू.) पूर्वार्ध, और (उ.) उत्तरार्ध । निर्णयसागरका सटीक संस्करण । रामपू. रामपूर्वतापिन्युपनिषद् । आनंदाश्रमका संस्करण । वाज. सं. वाजसनेयि संहिता । अध्याय और मंत्र । वेबरका संस्करण । वाल्मीकिरा. अथवा वा. रा. वाल्मीकिरामायण । कांड, अध्याय. और श्क । बम्बईका संस्करण । विष्णु. विष्णुपुराण, अंश, अध्याय और श्लोक । बम्बईका संस्करण । वेसू. वेदान्तसूत्र अथवा ब्रह्मसूत्र । अध्योय, पाद और सूत्र । वे. सू. शां. भा. वेदान्तसूत्र- शांकरभाष्य । आनंदाश्रमवाले संस्करणकाही सर्वत्र उपयोग किया है । शां. सू. शांडिल्यसूत्र । बम्बईका संस्करण । शिव. शिवगीता । अध्याय और श्लोक । अष्टेकर और मंडलीके गीतासंग्रहका संस्करण । श्वे. श्वेताश्वतरोपनिषद् । अध्याय और मंत्र । आनंदाश्रमका संस्करण । सां. का. सांख्यकारिका । तुकाराम तात्याका संस्करण । सूर्यगी. सूर्यगीता । अध्याय और श्लोक । मद्रासका संस्करण । हरि. हरिवंश । पर्व, अध्याय और श्लोक । बम्बईका संस्करण । S. B. E. - Sacred Books of the East Series. टिप्पणी :- इनके अतिरिक्त और कितनेही संस्कृत, अंग्रेजी, मराठी एवं पाली ग्रंथोंका स्थान-स्थानपर उल्लेख है। परंतु उनके नाम यथास्थानपर प्रायः पूरे लिख दिये गये हैं, अथवा वे समझमें आ सकते हैं, इसलिये उनके नाम इस सूचिमें शामिल नहीं किये गये ।