सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)

सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)
Subhashita Ratna Bhandagara
पण्डित काशीनाथ शर्मा (सम्पादक: नारायण राम आचार्य) द्वारा
स्रोत: Subhashita Ratna Bhandagara (10,000+ Classic Sanskrit Epigrams & Maxims - Nirnaya Sagar Press) (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished516 पृष्ठ
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सुभाषितरत्नभाण्डागारस्य
विषयानुक्रमकोशः
१. मङ्गलाचरणप्रकरणम्
| विषया | पृष्ठे | श्लोका | विषया | पृष्ठे | श्लोका | विषया | पृष्ठे | श्लोका |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| परब्रह्म | १ | १-१९ | त्रिमूर्तय | १४ | १-४ | ( सीता ) | २१ | ९३ |
| गणेश | २ | १-३५ | विष्णु | १४ | १-४९ | ( हनूमान् ) | २१ | ९४-९५ |
| सरस्वती | ३ | १-१३ | शङ्ख | १६ | ४४-४५ | ( रामकृष्णौ ) | २१ | ९६-९८ |
| शिव | ३ | १-१६७ | चक्रम् | १६ | ४६-४७ | कृष्ण | २२ | ९९-१९४ |
| जटाजूट | ९ | १२०-१२२ | गरुड | १६ | ४८ | ( बलभद्र ) | २६ | १९५-१९७ |
| गङ्गा | ९ | १२३-१३४ | शेष | १६ | ४९ | ( रुक्मिणी ) | २६ | १९८ |
| शशिलेखा | ९ | १३५-१३७ | लक्ष्मी | १६ | १-१५ | ( राधा ) | २६ | १९९-२०० |
| लोचनम् | ९ | १३८-१४२ | समुद्र | १७ | १५ | ( नन्दक ) | २६ | २०१ |
| कण्ठ | १० | १४३-१४६ | ब्रह्मा | १७ | १-४ | ( वेणु ) | २६ | २०२ |
| शिरोमालिका | १० | १४७ | दशावतारा | १७ | १-२१२ | बुद्ध | २६ | २०३-२०९ |
| गणा | १० | १४८ | मत्स्य | १८ | ५-१५ | कल्कि | २७ | २१०-२१२ |
| नन्दी | १० | १४९ | कूर्म | १८ | १६-२२ | सूर्य | २७ | १-२० |
| ताण्डवम् | १० | १५०-१६० | वराह | १८ | २३-४० | ( किरणा ) | २७ | १७-१९ |
| अर्धनारीश्वर | १० | १६१-१६७ | नृसिंह | १९ | ४१-५९ | ( तुरगा ) | २८ | २० |
| पार्वती | ११ | १-५४ | वामन | २० | ६०-६८ | चन्द्र | २८ | १-३ |
| षण्मुखः | १३ | १-३ | परशुराम | २० | ६९-७४ | पृथिवी | २८ | १ |
| हरिहरौ | १३ | १-१० | रामचन्द्र | २० | ७५-९२ |
२. सामान्यप्रकरणम्
| विषया | पृष्ठे | श्लोका | विषया | पृष्ठे | श्लोका | विषया | पृष्ठे | श्लोका |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सुभाषितप्रशंसा | २९ | १-२१ | बिल्हण | ३५ | २९ | छान्दसप्रशंसा | ४१ | १ |
| विद्याप्रशंसा | २९ | १-१६ | भट्टारहरिचन्द्र | ३५ | ३० | छान्दसनिन्दा | ४१ | १ |
| काव्यप्रशंसा | ३० | १-५० | भवभूति | ३६ | ३१-३३ | वैयाकरणप्रशंसा | ४१ | १-८ |
| नाट्यप्रशंसा | ३२ | १-२ | भास | ३६ | ३४ | वैयाकरणनिन्दा | ४१ | १-३ |
| कुकाव्यनिन्दा | ३२ | १-५ | मयूर | ३६ | ३५-३६ | नैयायिकप्रशंसा | ४१ | १-५ |
| सामान्यकविप्रशंसा | ३२ | १-६८ | मातङ्गदिवाकर | ३६ | ३७ | नैयायिकनिन्दा | ४३ | १-१० |
| विशिष्टकविप्रशंसा | ३४ | २-७१ | मुरारि | ३६ | ३८-४० | मीमांसकप्रशंसा | ४३ | १-५ |
| अमरसिंहः | ३४ | १ | रत्नखेटदीक्षित | ३६ | ४१ | मीमांसकनिन्दा | ४३ | १-२ |
| कालिदासः | ३४ | २-७ | राजशेखर | ३६ | ४२-४३ | वैद्यप्रशंसा | ४३ | १-६ |
| गणेश्वरः | ३५ | ८ | वाल्मीकि | ३६ | ४४-५२ | कुवैद्यनिन्दा | ४४ | १-९ |
| गुणाढ्यः | ३५ | ९-११ | विजया | ३६ | ५३ | गणकप्रशंसा | ४४ | १-६ |
| गोविन्दराजः | ३५ | १२ | विज्जका | ३६ | ५४ | कुगणकनिन्दा | ४४ | १-६ |
| जगन्नाथपण्डितः | ३५ | १३-१६ | व्यास | ३६ | ५५-५८ | पौराणिकनिन्दा | ४४ | १ |
| जयदेवः | ३५ | १७ | शाङ्खामल्ल | ३७ | ५९ | पुरोहितनिन्दा | ४५ | १ |
| ज्योतिरीशः | ३५ | १८ | सातवाहन | ३७ | ६० | कायस्थनिन्दा | ४५ | १-४ |
| दण्डी | ३५ | १९-२० | सुदर्शनः | ३७ | ६१ | सज्जनप्रशंसा | ४५ | १-२७८ |
| द्रोणः | ३५ | २१ | सुबन्धुः | ३७ | ६२ | दुर्जननिन्दा | ५४ | १-२८३ |
| धनदः | ३५ | २२ | कविक्रन्दम् | ३७ | ६३-७१ | लक्ष्मीस्वभाव | ६२ | १-४३ |
| नरहरिः | ३५ | २३ | कुकविनिन्दा | ३७ | १-३० | धनप्रशंसा | ६४ | १-१६ |
| प्रवरसेनः | ३५ | २४ | पण्डितप्रशंसा | ३८ | १-२८ | धननिन्दा | ६४ | १-२० |
| बाणः | ३५ | २५-२८ | कुपण्डितनिन्दा | ३९ | १-७७ | धनिप्रशंसा | ६५ | १-१५ |