भारतकोश
सुगम चिकित्सा

सुगम चिकित्सा

Sugam Chikitsa

आचार्य चतुरसेन शास्त्री द्वारा

स्रोत: June 1939 First Edition · सस्ता साहित्य मण्डल, दिल्ली (Sasta Sahitya Mandal, Delhi) · 1939 (उद्गम)

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प्रायदेमन्द इलाज

कुछ इलाज ऐसे हैं जिनमें दवा की जरूरत नहीं पड़ती और उनसे बहुत-सी बीमारियाँ अच्छी हो जाती हैं। ये कुदरती इलाज के तरीके हैं। इनमें न कोई खतरा है और न खर्च।

सूरज की किरणों से तन्दुरुस्ती का बड़ा गहरा सम्बन्ध है। सूरज की किरणें हमें ताकत देती हैं। उनमें बीमारी के कौड़ों को मार डालने की अनोखी ताकत होती है। अगर सूरज की किरणें हम शरीर को ज्यादा-से-ज्यादा खुला हुआ सूरज की किरणों के सामने रखें तो हम तन्दुरुस्त और मजबूत बने रहेंगे। जो हिस्सा सूरज की किरणों के सामने खुला रहता है उसमें फोड़-फुन्सी नहीं होता। तपेदिक के बीमार के लिए सूरज की रोशनी बहुत जरूरी है। हमेशा याद रखो कि बीमार को ऐसे कमरे में रखो जिसमें सूरज की रोशनी काफी हो।

याद रखो कि आन्न और पानी के बिना तो हम कुछ दिन जिन्दा रह भी सकते हैं, पर हवा के बिना कुछ मिनटों में भर