सुगम चिकित्सा
Sugam Chikitsa
आचार्य चतुरसेन शास्त्री द्वारा
स्रोत: June 1939 First Edition · सस्ता साहित्य मण्डल, दिल्ली (Sasta Sahitya Mandal, Delhi) · 1939 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें: ११ :
चमड़ी की बीमारियाँ
बरसात के मौसम में सैकड़ों क्रिस्म के कीड़े-मकोड़े पैदा हो जाते हैं, उनमें कुछ इतने छोटे होते हैं जो आँखों से देखे ही नहीं जा सकते। वे कीड़े खाने-पीने की चीजों पर खुजली चढ़कर हमारे जिस्म पर पहुँच जाते हैं और चमड़ी में छेद करके कई चमड़ी की बीमारियाँ पैदा कर देते हैं। आजकल चमड़ी की जो बीमारियाँ पैदा होती हैं, उनमें खाज सब से बढ़कर है। खुजली के कीड़े पहले उँगलियों के बीच में कलाई की जड़ में या छाती और नाक के पास फुन्सियाँ पैदा करते हैं। इसमें पहले खुजली होती है, फिर खुजाने से छाले-फुन्सी और लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। यह बीमारी बड़ी छूत की है और यह छूत दूसरे को लग जाती है। इसलिए इस बात का पूरा ख्याल रखो कि जिस आदमी को खुजली की बीमारी हो रही हो उसको छूओ मत, न उसके पलंग-बिस्तर पर बैठो, न उसका भूठा खाना-पीना खाओ-पियो। उसका भूठा ढुका भी मत पियो।