भारतकोश
सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)

सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)

Sundar Vilas of Sant Sundardas with Hindi Commentary

सन्त सुन्दरदास जी द्वारा

DevanagariHindipublished284 पृष्ठ

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पृष्ठ 202

!। सांख्य ज्ञान को अंग ।। [ १६३ आपु ही की रक्षा करै आपु ही की घात करै, आपु ही हत्यारो होइ गंगा जाउ न्हाइ है । सुन्दर कहत ऐसे देह ही को आपु मानि, निज रूप भूलि कै करत हाइ हाइ है ॥३६॥ ॥ इति सांख्य ज्ञान को अंग सम्पूर्णं ॥

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