सुर्जन चरित महाकाव्यम् (कवि चन्द्रशेखर - बूँदी हाड़ा चौहान राजवंश शौर्य इतिहास सटीक)

सुर्जन चरित महाकाव्यम् (कवि चन्द्रशेखर - बूँदी हाड़ा चौहान राजवंश शौर्य इतिहास सटीक)
Surjana Charita Mahakavya of Chandrashekhara with Commentary
कवि चन्द्रशेखर (सम्पादक: डॉ. चन्द्रधर शर्मा) द्वारा
DevanagariHindipublished256 पृष्ठ
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समर्पणम्
हाड़ावंशसुधामहोदधिलसच्चन्द्रोऽस्तलक्ष्मोज्ज्वलः शौर्येर्षुर्धृषहेतिदग्धनिखिलद्वेषिव्रजोद्यद्यशाः । श्रीमान् कल्पमहीरुहोऽर्थिनिकरस्यात्मा क्षमायाः शुभः कोटाभूपतिभोमसिंहसुमना जीव्यात् समानां शतम् ॥
जातश्चन्द्रधरः पुरोहितकुले देवस्य पुण्यात्मन- स्तस्य श्रीकरपल्लवद्वयशुभे नीत्वा प्रकाशं शुभम् । श्रीमत्सूर्जनसिंहभूपचरितं निर्माय टीकां सजम् सम्यङ् न्यस्य विपश्चितां स्पृहयति क्षेमाशिषं सादरम् ॥