स्वरोदय विज्ञान

स्वरोदय विज्ञान
Swarodaya Vigyan
श्री स्वामी जी महाराज (पीताम्बरा पीठाधीश्वर) द्वारा
स्रोत: स्वरोदय विज्ञानं - पीताम्बरा पीठाधीश्वर · पीताम्बरा पीठ (उद्गम)
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(स्वरोदय विज्ञान)
नक्शा -२
| द्वार | कार्य | एक एक तत्त्व के पञ्च किरण का परिणाम जिससे शरीर में क्रियाएं होती हैं। | टीका |
|---|---|---|---|
| कान | शब्द | काम, क्रोध, लोभ, मोह मत्सर | स्वरोदय शास्त्र के अनुसार सब कृत्व तत्वों के अनुसार होते हैं और आत्मा का निर्लैप होता है। |
| नेत्र | देखना | भूख, प्यास, नींद, आलस, जम्हाई | |
| दोनों नासिका | सूंधना | दौड़ना, उछलना, हिलना, बढ़ना आदि | |
| मुख | भोजन करना | मांस, चर्म, हड्डी-नाड़ी रोम आदि | |
| लिङ्ग | मैथुन कार्य | खून, मूत्र, कफ, पसीना |