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स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 2)

स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 2)

Swadeshi Utpad Banane Ki Vidhi (Bhag 2)

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 2 · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

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  1. | जायफल | - | 17.50 मिलीग्राम ---|---|---|---
  2. | कुचला शुद्ध | - | 2 मिलीग्राम
  3. | अकरकरा | - | 12 मिलीग्राम
  4. | जुंदवेस्तर | - | 12 मिलीग्राम
  5. | बबूल | - | 1.75 मिलीग्राम
  6. | स्वर्ण भस्म | - | 0.25 मिलीग्राम
  7. | प्रवाल पिस्टी | - | 0.25 मिलीग्राम
  8. | वंग भस्म | - | 5.50 मिलीग्राम
  9. | शिलाजीत शुद्ध | - | 5.50 मिलीग्राम

विधि -

सभी सामग्री को सुखाकर, कूटकर डिब्बे में भर लें।

लाभ एवं प्रयोग -

दिव्य यौवनामृत वटी में सभी घटकों का पुरुषों के यौन स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है।

अर्जुन काथ

  1. | अर्जुन छाल | - | 10 ग्राम ---|---|---|---

विधि - 400 मिलीलीटर पानी में पाँच से दस ग्राम दिव्य अर्जुन काथ पाउडर डालें और उसे पकाएं, इसे तब तक पकाएं जब तक की इस मिश्रण की मात्रा कम हो कर 100 मिलीलीटर न रह जाये। अब इस मिश्रण को छान लें और पिये। इसका सेवन दिन में दो बार खाली पेट करना चाहिए। 1) सुबह उठ कर खाली पेट 2) रात के खाने से एक घंटे पहले।

हृदय से सम्बंधित रोगों के लिए

  • • हृदय के रोगों जैसे उच्च कोलोस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप और हार्ट अटैक की रोकथाम के लिए दिव्य अर्जुन काथ बेहतरीन औषधि

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