स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 2)

स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 2)
Swadeshi Utpad Banane Ki Vidhi (Bhag 2)
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 2 · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
DevanagariHindipublished33 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 24
| 5. नींबू का रस | - | 100 ग्राम |
|---|---|---|
| 6. रीठा | - | 50 ग्राम |
| 7. हल्दी | - | 25 ग्राम |
| 8. सुंगध | - | इच्छानुसार |
विधि -
- • मुल्लानी मिट्टी को इमामदस्ते में बारीक कूटकर छान लें।
- • 100 ग्राम नीम की पत्ती को 500 ग्राम पानी में उबालकर छान लें ताकि लगभग 400 ग्राम पानी प्राप्त हो जाये।
- • 100 ग्राम आँवले को तैयार नीम के पानी में 12 घण्टे भिगोकर रख दें। तत्पश्चात् अच्छी तरह मथकर तथा छानकर आँवला पानी तैयार करें।
- • 50 ग्राम रीठा को 100 ग्राम पानी में 12 घण्टे भिगोकर रख दें। तत्पश्चात् अच्छी तरह मथकर तथा छानकर रीठा झाग पानी तैयार करें।
- • आँवले के पानी, रीठा झाग पानी को एक जगह मिला दें। इस घोल में मठ्ठा (अच्छई तरह मथी हुई दही) तथा हल्दी को डालकर अच्छी तरह मिला दें।
- • तैयार घोल को मुल्लानी मिट्टी के साथ गूँथकर रख दें। 4-5 घण्टे बाद मिट्टी में 100 ग्राम नींबू का रस तथा रुचि के अनुसार सुर्गाधि डालकर पुनः अच्छी तरह गूँथाई करें।
- • उपरोक्त तैयार सामग्री साँचे में डालकर अथवा हाथ से साबुन सूरखने में मौसम के अनुसार 3 से 6 दिन तक लग जाता है।
- • अच्छी तरह सूरख जाने पर पैकिंग करें।
❖ वैदिक साबुन
| 1. मुल्लानी | - | 400 ग्राम |
|---|---|---|
| 2. सोना गेरू | - | 250 ग्राम |
| 3. चना बेसन | - | 150 ग्राम |
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