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स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 2)

स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 2)

Swadeshi Utpad Banane Ki Vidhi (Bhag 2)

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 2 · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

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7. नीम्बुसत-3 ग्राम
8. हींग शुद्ध-2 ग्राम

विधि – सूखा कर, कूट कर बारीक पाउडर बना कर, शीशी में भर लें।

गैसहर चूर्ण लाभ एवं उपयोग

  • • दिव्य गैसहर चूर्ण भोजन की पचाने में सहायक हैं सहायता करता है इसे बनाया ही इसी के लिए गया है, इसका मतलब यह है की यह चूर्ण एसिडिटी और हृदय में जलन जैसी बिमारियों की रोकथाम करने में भी बहुत उपयोगी हैं।
  • • दिव्य गैसहर चूर्ण ऐसी जड़ी-बूटियों से बनाया गया है जो कब्ज और दस्त दोनों की रोकथाम के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक औषधि हैं।
  • • यह पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए उपयोगी हैं और भोजन को पचाने में मदद करता हैं जिससे की गैस जैसी बीमारी से मुक्ति मिलती हैं।
  • • दिव्य गैसहर चूर्ण पेट में गैस नहीं बनने देता जिससे पेट में भारीपन नहीं रहता और पेट साफ रहता है।
  • • इन बिमारियों के अलावा दिव्य गैसहर चूर्ण अम्लता, पेट दर्द और पेट से सम्बंधित बिकारों को भी दूर करता है। इसके नियमित रूप से सेवन करने से पेट से सम्बंधित सब रोग दूर होते हैं।

❖ पेट सफा

घटक: -

1. सनाय की पत्तियाँ-35 ग्राम
2. काला नमक-12 ग्राम
3. अजवाइन-10 ग्राम
4. इसबगोल-8 ग्राम
5. त्रिफला चूर्ण (हरड, बहेड़ा, आँवला)-9 ग्राम

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