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स्वदेशी उत्पाद विधि (भाग 3)

स्वदेशी उत्पाद विधि (भाग 3)

Swadeshi Utpad Vidhi (Bhag 3)

रोबिन बसराना / राजीव दीक्षित द्वारा

स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 3 (Best Out of Waste) · Swadeshi Robin Basrana · 2017 (उद्गम)

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आजकल यह व्यापार बड़ा ट्रेंड में चल रहा है। महिलाएं कपड़ा बनाने वाली कंपनियों से सस्ते दामों में कपड़ा खरीदकर, बाजार के दामों में कपड़ा व साड़ियां बेचकर अपनी आजीविका चला सकती हैं। ये कपड़ा सूरत एवं अहमदाबाद में सस्ती दर पर मिल जायेगा। इसके अलावा, बनारस की साड़ियां बहुत प्रसिद्ध हैं। आप नई-नई डिज़ाइन सलेक्ट करके कम निवेश में अच्छा कमीशन कमा सकते हैं। इसी तरह का बिज़नेस आप ऑनलाइन भी कर सकते हैं जैसे अमेज़न या फ़्लिपकार्ट पर सेलर बन कर। यहाँ पर आप अपना अकाउंट बनाकर कंपनियों को माल बेचकर कमीशन बना सकते हो।

6. रेस्टोरेंट व बेकरी कार्नर

आजकल शहरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों में छोटी सी जगह में रेस्टोरेंट व बेकरी कॉनर लगाने का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। इन इलाकों में रेस्टोरेंट व बेकरी कॉनर लगाकर आप अच्छी आमदनी कर सकते हैं। इसके लिए छोटी सी जगह व खाद्य सामग्री की आवश्यकता होती है। पापडी चाट, समोसा, भेल, पिज्जा, बर्गर आदि आइटम को शामिल कर सकते हैं। इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए 60,000 से 70,000 रुपये की आवश्यकता होती है।

7. मसाला बनाने का उद्योग

विभिन्न प्रकार के मसालों को तैयार कर बाजार में बेचा जा सकता है जैसे मिर्ची, हल्दी व धनिया आदि। यह उद्योग रसोई में होने वाली लागत व रोजमर्रा की आपूर्ति के लिए सक्षम है। इस व्यवसाय के लिए आपको मसाला पीसने के लिए छोटी चक्की की आवश्यकता पड़ती है। मसाला बनाने के कुटीर व्यवसाय में जितनी अधिक मार्केटिंग करेंगे उतना ही अधिक मुनाफा होगा।

8. फर्नीचर बनाने का उद्योग

घर में काम आने वाला सामान जैसे कुर्सी, टेबल, पलंग एवं अन्य छोटे मोटे लकड़ी के फर्नीचर को तैयार कर उचित मूल्य में बेचा जा सकता है। कलात्मकता से निपुण इस छोटे व्यवसाय में लाभांश की भरमारता है। इसमें आप पर निर्भर करता है कि लकड़ी खरीदने के लिए आप कितना निवेश करते हैं।

9. पापड़ बनाने का कुटीर उद्योग