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स्वदेशी उत्पाद विधि (भाग 3)

स्वदेशी उत्पाद विधि (भाग 3)

Swadeshi Utpad Vidhi (Bhag 3)

रोबिन बसराना / राजीव दीक्षित द्वारा

स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 3 (Best Out of Waste) · Swadeshi Robin Basrana · 2017 (उद्गम)

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शुरू होती है। इस मशीन की खासियत यह है की इसमें दो डार्ड लगी होती हैं। दोनों डार्ड 1 घण्टे में 1000 पीस तक का उत्पादन करती हैं।

आप समय-समय पर डार्ड बदलकर उत्पाद की साइज भी बदल सकते हैं। दोना पतल बनाने के लिए आपको रोल (कच्चा माल) खरीदने होंगे। यह माल आपको दिल्ली व सूरत में वाजिब दर पर मिल जायेगा। माल तैयार करने के बाद पैकिंग एवं मार्केटिंग आपको खुद को ही करनी होगी। मार्केट की डिमांड अनुसार यदि आप दोना, पतल व थाली का उत्पादन करें तो आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इनका उपयोग होटलों, विवाह समारोह व अन्य सभी प्रकार के समारोह में नास्ता करने के लिए किया जाता है। इनकी मांग निरन्तर बढ़ रही है। इसे बनाने के लिए कोई विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता नहीं होती है। दोना पतल पर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आपको बैंक से लोन भी मिल सकता है।

17. गाय, भेड़ व बकरी का पालन

गाय, भेड़ व बकरी का पालन कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। अच्छी नस्ल की गाय खरीदकर दूध की बिक्री की जा सकती है। इसके अलावा आप दही, माखन, घी व छाछ भी बेच कर धन कमा सकते हैं। पशुओं से प्राप्त होने वाली गोबर खाद को बेचकर लाभांश प्राप्त कर सकते हैं। इस खाद को खेतों में भूमि की उर्वरता शक्ति बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। पशु पालन सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाले कुटीर उद्योगों में से एक है। इस उद्योग को शुरू करने के लिए सरकार की ओर से लोन भी दिया जाता है।

18. अचार बनाने का उद्योग

कई तरह के आचार जैसे मिर्च, आम, जलपाई, आवंला आदि बनाकर बिक्री किया जा सकता है। आचार का व्यापार कम लागत और भरपूर मेहनत से सफलता पूर्वक किया जा सकता है। यह आचार एक से दो महीने में तैयार हो जाता है। शुरूआत में प्रचार प्रसार के लिए मार्केटिंग करनी पड़ सकती है।