तैत्तिरीय आरण्यक (कृष्ण यजुर्वेद - सायणभाष्य व हिन्दी अनुवाद)

तैत्तिरीय आरण्यक (कृष्ण यजुर्वेद - सायणभाष्य व हिन्दी अनुवाद)
Taittiriya Aranyaka Hindi
महर्षि वैशम्पायन द्वारा
स्रोत: Taittiriya Aranyaka with Sayana Bhashya and Hindi Translation (उद्गम)
DevanagariHindipublished940 पृष्ठ
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| भाष्यसम्मतनुवाकाङ्काः | मूलपुस्तक सम्मतानूवाकाङ्काः | मूलपुस्तकसंमंतानूवाकाङ्कः | भाष्यसम्मतनुवाकाङ्काः |
|---|---|---|---|
| ३० | ३६ कियदंशः | ३० | २३ |
| ३१ | ३८ कियदंशः | ३१ | २४ |
| ३२ | ३६ कियदंशः | ३२ | २५ |
| ३३ | ६६ कियदंशः | ३३ | भाष्यधृतमूले नास्ति |
| ३४ | ६६ कियदंशः | ३४ | २६ कियदंशः |
| ३५ | ६६ कियदंशः | ३५ | २६, २७ कियदंशः |
| ३६ | ७० * | ३६ | ३० कियदंशः |
| ३७ | ७४ | ३७ | १५ |
| ३८ | ७१ | ३८ | ४८ |
| ३६ | ४१ | ३६ | ४६ |
| ४० | ४२ कियदंशः | ४० | ५० कियदंशः |
| ४१ | ४२ कियदंशः | ४१ | ३६ |
| ४२ | ४३ | ४२ | ४०–४१ |
| ४३ | १७ | ४३ | ४२ |
| ४४ | १८ | ४४–६४ | भाष्यधृतमूले न सन्ति |
| ४५ | १६ | ६५ | ५१, ५२, ५३, ५४ |
| ४६ | २० | ६६ | ५५, ५६, ५७, ५८, ५६ कियदंशः |
| ४७ | २१ | ६७ | भाष्यधृतमूले नास्ति |
| ४८ | ३८ | ६८ | २६ कियदंशः |
| ४६ | ३८ | ६६ | ३२, ३३, ३४, ३५ त्यक्तातिरिक्तपदाः |
| ५० | ४० कियदंशः | ७० | ३६ * |
| ५१ | ६५ कियदंशः | ७१ | ३८ |
| ५२ | ६५ कियदंशः | ७२, ७३ | भाष्यधृतमूले न स्तः |
| ५३ | ६५ कियदंशः | ७४ | ३७ |
| ५४ | ६५ कियदंशः | ७५–७७ | भाष्यधृतमूले न सन्ति |
| ५५ | ६६ कियदंशः | ||
| ५६ | ६६ कियदंशः |
* भाष्यकारधृतं ब्रह्माणि म आत्मामृतलयेति वाक्यं मूलपुस्तके न दृश्यते ।