तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअध्याय - ८ The subdivisions are five, nine, two, twenty-eight, four, forty-two, two, and five kinds respectively. मतिश्रुतावधिमनःपर्ययकेवलानाम् ॥६॥ [ मतिश्रुतावधिमनःपर्ययकेवलानाम् ] मतिज्ञानावरण, श्रुतज्ञानावरण, अवधिज्ञानावरण, मनःपर्ययज्ञानावरण और केवलज्ञानावरण, ये ज्ञानावरण कर्म के पाँच भेद हैं। Karmas which obscure sensory knowledge, scriptural knowledge, clairvoyance, telepathy, and omniscience, are the five kinds of knowledge- obscuring karmas. चक्षुरचक्षुरवधिकेवलानां निद्रानिद्रानिद्राप्रचला- प्रचलाप्रचलास्त्यानगृद्ध्यश्च ॥७॥ [ चक्षुरचक्षुरवधिकेवलानां ] चक्षुदर्शनावरण, अचक्षुदर्शनावरण, अवधिदर्शनावरण, केवलदर्शनावरण [ निद्रानिद्रानिद्राप्रचलाप्रचलाप्रचलास्त्यानगृद्ध्यश्च ] निद्रा, निद्रानिद्रा, प्रचला, प्रचलाप्रचला और स्त्यानगृद्धि - ये नव भेद दर्शनावरण कर्म के हैं। 115