भारतकोश
तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary

आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा

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अध्याय - ९ बादरसाम्पराये सर्वे ॥१२॥ [ बादरसाम्पराये ] बादरसाम्पराय अर्थात् स्थूलकषाय वाले जीवों के [ सर्वे ] सर्व परीषह होती हैं। All the afflictions arise in the case of the ascetic with gross passions. ज्ञानावरणे प्रज्ञाऽज्ञाने ॥१३॥ [ ज्ञानावरणे ] ज्ञानावरणीय के उदय से [ प्रज्ञाऽज्ञाने ] प्रज्ञा और अज्ञान ये दो परीषह होती हैं। Extraordinary learning and ignorance are caused by knowledge-covering karmas. दर्शनमोहान्तराययोरदर्शनालाभौ ॥१४॥ [ दर्शनमोहान्तराययोः ] दर्शनमोह और अन्तराय कर्म के उदय से [ अदर्शनालाभौ ] क्रम से अदर्शन और अलाभ परीषह होती हैं। Misbelief and lack of gain are caused by faith- deluding and obstructive karmas. 131