तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
DevanagariHindipublished177 पृष्ठ
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अध्याय - ९ The first two types are based on one substratum and are associated with scriptural knowledge and shifting. अवीचारं द्वितीयम् ॥४२॥ [ द्वितीयम् ] ऊपर कहे गये शुक्लध्यानों में से दूसरा शुक्लध्यान [ अवीचारं ] वीचार से रहित है, किन्तु सवितर्क होता है। The second type is free from shifting. वितर्कः श्रुतम् ॥४३॥ [ श्रुतम् ] श्रुतज्ञान को [ वितर्कः ] वितर्क कहते हैं। Vitarka is scriptural knowledge. वीचारोऽर्थव्यञ्जनयोगसङ्क्रान्तिः ॥४४॥ [ अर्थव्यञ्जनयोगसङ्क्रान्तिः ] अर्थ, व्यञ्जन और योग का बदलना सो [ वीचारः ] वीचार है। Vicāra is shifting with regard to objects, words and activities. 143