तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंIndex (Hindi)
भवनवासी देव 51, 53, 54, 61, 64 भव्यत्व 18, 148 भाव 3, 4, 15, 18, 89, 99, 140, 148 मतिज्ञान 5, 6, 7, 9, 11, 19, 115 मध्यलोक 39 मन 7, 8, 23, 53, 80, 83, 94, 99, 107, 108 मनःपर्ययज्ञान 5, 10, 11, 12, 19, 115 मनुष्य 10, 18, 24, 34, 47, 49, 50, 53, 55, 56, 60, 87, 118 मार्दव 128 मान 18, 117 मानुषोत्तर 49 माया 18, 87, 117 मिथ्यादर्शन 18, 113 मिथ्याज्ञान 13, 19 मेरु 39, 48, 49, 55 मैथुन 93, 100 मोहनीय 86, 114, 116, 117, 121, 123, 132 मोक्ष 2, 3, 35, 60, 138, 146, 148 मोक्षमार्ग 1, 2 यथाख्यात 133 योग 80, 83, 85, 89, 99, 113, 124, 127, 142, 143, 146 योनि 27, 60 रत्नत्रय 4 रम्यक 40, 44 रौद्रध्यान 137
लब्धि 17, 22, 33 लिंग 18, 145, 150 लेश्या 18, 37, 51, 58, 59, 145 लोक 3, 70, 97, 128, 148, 150 लोभ 18, 95, 117 वचन 72, 80, 83, 94, 95, 99, 107, 108 वनस्पति 24 विक्रिया 37 विग्रहगति 25, 26 वितर्क 141, 142, 143 विदेह 40, 44, 45, 46, 47, 49 विधान 4 विनय 90, 134, 135 विपुलमति 10 वीचार 142, 143 वीर्य 16, 17, 82, 92 वेदना 37, 111, 139 वेदनीय 114, 116, 117, 121, 122, 125, 132 वैक्रियिक 29, 32, 33 वैमानिक देव 51, 56, 57, 58 वैयावृत्त्य 90, 134, 136 व्यञ्जन 143 व्यन्तर देव 51, 52, 53, 55, 64 व्युत्सर्ग 134, 135, 137 व्युपरतक्रियानिवर्ति 141, 142 शरीर 25, 29, 30, 31, 32, 33, 37, 53, 58, 72, 80, 96, 98, 107, 118, 119
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