तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
DevanagariHindipublished177 पृष्ठ
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अध्याय - १ (The subdivisions of each of these are) more, many kinds, quick, hidden, unexpressed, lasting, and their opposites. अर्थस्य ॥१७॥ उपरोक्त बारह अथवा 288 भेद [ अर्थस्य ] पदार्थ के (द्रव्य के - वस्तु के) हैं। (These are the attributes) of substances (objects). व्यञ्जनस्यावग्रहः ॥१८॥ [ व्यञ्जनस्य ] अप्रगटरूप शब्दादि पदार्थों का [ अवग्रहः ] मात्र अवग्रह ज्ञान होता है, ईहादि तीन ज्ञान नहीं होते। (There is only) apprehension of indistinct things. न चक्षुरनिन्द्रियाभ्याम् ॥१९॥ व्यञ्जनावग्रह [ चक्षुः अनिन्द्रियाभ्याम् ] नेत्र और मन से [ न ] नहीं होता। 8