भारतकोश
तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary

आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा

DevanagariHindipublished177 पृष्ठ

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अध्याय - १ The differences between the two are due to purity and infallibility. विशुद्धिक्षेत्रस्वामिविषयेभ्योऽवधिमनःपर्यययोः ॥२५॥ [ अवधिमनःपर्यययोः ] अवधि और मनःपर्ययज्ञान में [ विशुद्धिक्षेत्रस्वामिविषयेभ्यः ] विशुद्धता, क्षेत्र, स्वामी और विषय की अपेक्षा से विशेषता होती है। Telepathy (manahparyaya) and clairvoyance (avadhi) differ with regard to purity, space, knower and objects. मतिश्रुतयोर्निबन्धो द्रव्येष्वसर्वपर्यायेषु ॥२६॥ [ मतिश्रुतयोः ] मतिज्ञान और श्रुतज्ञान का [ निबंधः ] विषय-सम्बन्ध [ असर्वपर्यायेषु ] कुछ (न कि सर्व) पर्यायों से युक्त [ द्रव्येषु ] जीव पुद्गलादि सर्व द्रव्यों में है। The range of sensory knowledge and scriptural knowledge extends to all the six substances but not to all their modes. 11

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